अगर हार्ट 50% से कम काम कर रहा है तो शरीर देता है ये चेतावनी संकेत, न करें नजरअंदाज

punjabkesari.in Thursday, Jul 17, 2025 - 12:45 PM (IST)

नारी डेस्क: जब हमारा दिल (हार्ट) अपनी सामान्य कार्यक्षमता यानी खून पंप करने की क्षमता 50% से कम हो जाती है तो इसे दिल की कमजोरी या हार्ट फेल्योर कहा जाता है। इस स्थिति में दिल शरीर को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाता। दिल की क्षमता कम होने से शरीर में कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं जो अक्सर लोगों द्वारा मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। लेकिन ये लक्षण गंभीर हृदय रोग का संकेत हो सकते हैं।

दिल की क्षमता कम होने के लक्षण

यदि दिल 50% से कम क्षमता से काम कर रहा है, तो यह धीरे-धीरे शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाने लगता है। इन संकेतों को हल्के में न लें। डॉक्टरों के अनुसार, दिल की क्षमता कम होने पर खासकर ये चार लक्षण आमतौर पर दिखते हैं

सांस फूलना: यह सबसे आम लक्षण है। खासकर जब आप चल रहे हों, सीढ़ी चढ़ रहे हों या लेटे हों, तो सांस लेने में दिक्कत होती है। दिल पूरी तरह से खून पंप नहीं कर पाता, जिससे फेफड़ों में फ्लूइड जमा होने लगता है। इसके कारण सामान्य कामों में भी सांस फूलने लगती है।

थकावट और कमजोरी: दिल कम खून पंप करने की वजह से शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और ऊर्जा नहीं मिल पाती। इस वजह से व्यक्ति बिना ज्यादा मेहनत के भी जल्दी थक जाता है।

PunjabKesari

पैरों, टखनों और पेट में सूजन: जब दिल ठीक से खून नहीं पंप कर पाता, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसका असर पैरों, टखनों और पेट में सूजन के रूप में दिखता है। यह सूजन शाम को ज्यादा बढ़ सकती है।

रात को नींद में खलल: नींद के दौरान बार-बार जागना, खासकर सांस फूलने या बेचैनी की वजह से, दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा मानसिक भ्रम, चक्कर आना, या ध्यान केंद्रित न कर पाना भी इसके लक्षण हो सकते हैं।

ये भी पढ़े: लिवर कैंसर के खतरे को 40 प्रतिशत कम कर देती है ये काली चीज, डॉक्टर भी देते हैं पीने की सलाह

दिल की जांच कब और कैसे कराएं?

अगर आपको लगातार ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें। जरूरी जांचें जैसे ECG, ECHO और Ejection Fraction टेस्ट करवाएं। यह जांचें दिल की क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति जानने में मदद करती हैं। समय पर सही इलाज से दिल की कार्यक्षमता को सुधारा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।

PunjabKesari

दिल को स्वस्थ रखने के उपाय

नियमित व्यायाम करें: रोजाना हल्का व्यायाम या योग करें जिससे दिल मजबूत बने।
स्वस्थ और संतुलित आहार लें: तला-भुना और ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन से बचें। फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर भोजन करें।
मानसिक तनाव कम करें: तनाव हृदय रोग का बड़ा कारण होता है। मेडिटेशन या रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं।
धूम्रपान और शराब से दूर रहें: ये आदतें दिल की बीमारियों को बढ़ावा देती हैं।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं: समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और हार्ट की जांच कराते रहें।

दिल की कमजोरी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए अपने शरीर की बात सुनें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर इलाज और जीवनशैली में सुधार से आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और लंबा, खुशहाल जीवन जी सकते हैं।


 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

PRARTHNA SHARMA

Related News

static