10 दिन पहले सगाई और फिर देश के लिए बलिदान, प्लेन क्रैश में शहीद पायलट की अंतिम विदाई में रोया पूरा देश
punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 07:43 PM (IST)

नारी डेस्क: गुजरात में जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटना में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का शुक्रवार को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में उनके पैतृक गांव माजरा भालखी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यादव (28) की बुधवार रात जामनगर आईएएफ स्टेशन के पास विमान दुर्घटना में मौत हो गई। नियती का खेल देखो जिस सिद्धार्थ के सिर पर सेहरा सजना था उस पर कफन लपेटना पड़ा।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे और 23 मार्च को उनकी सगाई हुई थी। वह 31 मार्च को ड्यूटी पर वापस चले गए थे। नवंबर में उनकी शादी होनी थी पर उनकी किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था। सगाई की छुट्टी से वापस लौट कर सिद्धार्थ 2 अप्रैल को रूटीन सॉर्टी के लिए जगुआर विमान लेकर निकले थे, इसी दौरान विमान में कुछ खराबी आ गई। ऐसे में अपनी जान की परवाह किए बगैर सिद्धार्थ ने साथी को इजेक्ट कराया। फिर वह विमान को घनी आबादी से दूर लेकर गए, जहां प्लेन क्रैश कर गया।
पायलट पूर्व सैनिकों के परिवार से थे, उनके पिता सुशील ने भारतीय वायुसेना में सेवा की थी और दादा और परदादा भी सेना में सेवा कर चुके थे। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाने से पहले रेवाड़ी लाया गया। कई पूर्व सैनिकों सहित बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लिए सड़कों पर खड़े थे और आईएएफ अधिकारी के पार्थिव शरीर को ले जा रहे वाहन पर फूल बरसा रहे थे। उनके पार्थिव शरीर को अग्नि के हवाले करते समय भारतीय वायुसेना के कर्मियों ने बंदूकों की सलामी दी।
शहीद पायलट सिद्धार्थ कं अंतिम दर्शन करने उनकी उनकी मंगेतर सोनिया भी पहुंची थी। वह बार- बार बस यही कह रही थी कि बेबी तू आया नहीं मुझे लेने…तू बोल कर गया था कि मैं तुझे लेने आऊंगा’। उनकी यह हालत देख पत्थर दिल भी पिघल जाए। पायलट के परिवार में उसके पिता, माता और छोटी बहन हैं, जो बी.टेक कोर्स कर रही है। यादव 2020 में भारतीय वायुसेना में लड़ाकू पायलट के रूप में नियुक्त किया गया था।