''सॉरी पापा हमें अफ़सोस है...'' 9वीं मंजिल से कूद कर जान देने वाली तीनों बहनों के पिता ने कही ये बात
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 04:18 PM (IST)
नारी डेस्क: बुधवार को नौवीं मंजिल के फ्लैट से कथित तौर पर कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के पिता ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वे जो गेम खेल रही थीं, उसमें "टास्क" शामिल थे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटियों ने बार-बार कहा था कि वे कोरिया जाना चाहती हैं। निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के पिता चेतन कुमार ने बताया, "वे ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं।
कोरिया जाना चाहती थी लड़कियां
चेतन कुमार ने कहा- "वे अक्सर कहती थीं कि वे कोरिया जाना चाहती हैं। मुझे नहीं पता था कि इस गेम में ऐसे टास्क होते हैं। मुझे इन सबके बारे में तभी पता चला जब पुलिस फोरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की,"। पुलिस को सुबह करीब 2.15 बजे सूचना मिली कि साहिबाबाद इलाके में टीला मोड़ पुलिस स्टेशन की सीमा में भारत सिटी के एक टावर में नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि लड़कियां ग्राउंड फ्लोर पर गिर गई थीं और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता को नहीं थी गेम की जानकारी
घटनाओं के क्रम को याद करते हुए कुमार ने बताया कि- "मेरी पत्नी अंदर के कमरे में सो रही थी। लड़कियां पानी पीने के बहाने उठीं, अंदर से दरवाजा बंद किया और बालकनी से कूद गईं," । उन्होंने कहा कि लड़कियों के पास मोबाइल फोन थे, लेकिन उन्होंने तुरंत उन पर ध्यान नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी अपनी बेटियों को गेम खेलने से रोकने की कोशिश की, तो कुमार ने कहा कि उन्हें गेम के नेचर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, "अगर मुझे पता होता कि ऐसे टास्क होते हैं, तो कोई भी पिता अपने बच्चों को इसका हिस्सा नहीं बनने देगा।"
पढ़ाई में फेल हो रही थी बहनें
कुमार ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि गेम में ऐसे निर्देश थे जिनका बच्चे पालन करते थे। उन्होंने याद किया कि प्राची ने एक बार उनसे कहा था कि वह 'बॉस' है और उसकी बहनें उसके निर्देशों का पालन करती हैं। उन्होंने कहा- "मुझे लगा कि यह बचपन में खेले जाने वाले खेलों जैसा ही है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा हो सकता है।" कुमार ने बताया कि तीनों बहनें सब कुछ एक साथ करती थीं - खाना, नहाना और समय बिताना - और ज़्यादातर अपने कमरे में ही रहती थीं। उन्होंने आगे कहा कि लड़कियां पिछले दो-तीन सालों से पढ़ाई में फेल होने के बाद स्कूल नहीं जा रही थीं, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी और वे धीरे-धीरे सबसे अलग रहने लगी थीं। पुलिस ने कहा है कि बहनें कोरियन कंटेंट से "प्रभावित" थीं और मोबाइल फोन के इस्तेमाल और एक ऑनलाइन कोरियन टास्क-बेस्ड इंटरैक्टिव गेम की बहुत ज़्यादा "आदी" थीं। जांचकर्ताओं को एक डायरी भी मिली है जिसमें हाथ से लिखा एक नोट था, जिसमें लिखा था, "सॉरी, पापा, मुझे सच में बहुत अफ़सोस है," साथ ही रोने वाले चेहरे वाला इमोजी भी था।
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