साबूदाना असली है या नकली, पहचानने के लिए जानें 6 जरूरी बातें
punjabkesari.in Tuesday, Oct 13, 2026 - 07:08 PM (IST)
नारी डेस्क : नवरात्रि के व्रत में साबूदाने से खिचड़ी, खीर और वड़ा जैसी कई स्वादिष्ट डिश बनाई जाती हैं। लेकिन बाजार में साबूदाना खरीदते समय उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना भी जरूरी है। क्या पानी में डालकर असली और नकली साबूदाने की पहचान की जा सकती है? आइए जानते हैं साबूदाना खरीदने और इस्तेमाल करने से जुड़ी जरूरी बातें। नवरात्रि के दौरान कई लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और फलाहार में साबूदाने से बनी डिश शामिल करते हैं। साबूदाने की खिचड़ी से लेकर खीर और वड़े तक, इसके कई व्यंजन पसंद किए जाते हैं। यही वजह है कि व्रत के दिनों में बाजार में साबूदाने की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इसे खरीदते समय रंग, बनावट और पैकेट पर दी गई जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, सिर्फ सफेद रंग देखकर साबूदाने को असली या अच्छी गुणवत्ता का नहीं माना जा सकता।
साबूदाना क्या होता है और इसे कैसे बनाया जाता है?
साबूदाना छोटे, सफेद और मोती जैसे दानों के रूप में दिखाई देता है। यह किसी अनाज से नहीं, बल्कि आमतौर पर कसावा यानी टैपिओका पौधे की जड़ों से निकाले गए स्टार्च से बनाया जाता है। इसे तैयार करने के लिए कसावा के कंदों को साफ करके उनका स्टार्च निकाला जाता है। इसके बाद स्टार्च को सुखाकर छोटे-छोटे दानों का आकार दिया जाता है। फिर दानों को सुखाने और छांटने जैसी प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है, ताकि वे पैकिंग के लिए तैयार हो सकें।
क्या पानी में डालकर असली और नकली साबूदाने की पहचान कर सकते हैं?
पानी में साबूदाना डालकर उसकी बनावट और पानी में होने वाले बदलावों को देखा जा सकता है, लेकिन यह जांच असली और नकली साबूदाने की पक्की पहचान नहीं करती। साबूदाना स्टार्च से बना होता है, इसलिए पानी में भिगोने पर उसके दानों की बनावट में बदलाव आ सकता है। यह बदलाव साबूदाने के आकार, गुणवत्ता और भिगोने की अवधि पर भी निर्भर करता है।
घर पर कैसे करें पानी वाला टेस्ट?
एक साफ कटोरी में सामान्य पानी लें।
उसमें थोड़ी मात्रा में साबूदाना डालें।
कुछ समय बाद देखें कि दानों की बनावट में कितना बदलाव आया है।
अगर पानी में असामान्य रंग, बहुत ज्यादा गंदगी या बाहरी कण दिखाई दें, तो उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो सकता है।
ध्यान रखें कि पानी में दाने टूटने या नरम होने का मतलब अपने आप मिलावट होना नहीं है। इसी तरह, पानी साफ रहने से भी साबूदाने के पूरी तरह शुद्ध होने की गारंटी नहीं मिलती।
साबूदाना खरीदते समय इन 6 बातों का रखें ध्यान
रंग और दानों की बनावट देखें: अच्छी गुणवत्ता वाला साबूदाना आमतौर पर सफेद या हल्का पारदर्शी दिखाई देता है। अगर दानों पर असामान्य धब्बे, गंदगी या रंग में असमानता नजर आए, तो पैकेट खरीदने से पहले सावधानी बरतें। हालांकि, केवल रंग के आधार पर असली या नकली होने का फैसला नहीं किया जा सकता।
टूटे हुए दानों पर ध्यान दें: अगर पैकेट में बहुत ज्यादा टूटे हुए दाने, बारीक पाउडर या बाहरी कण दिखाई दे रहे हैं, तो उसकी गुणवत्ता जांचें। सामान्य मात्रा में टूटे दाने होना अपने आप मिलावट का प्रमाण नहीं है, लेकिन बहुत ज्यादा टूट-फूट खराब हैंडलिंग का संकेत हो सकती है।
खुले साबूदाने की गुणवत्ता जांचें: खुले साबूदाने में धूल, नमी और बाहरी गंदगी मिलने की आशंका हो सकती है। इसलिए साफ-सुथरी दुकान से खरीदें और दानों को ध्यान से देखें। बेहतर विकल्प सीलबंद पैकेट हो सकता है, जिस पर निर्माता और उत्पाद से जुड़ी जानकारी दी गई हो।
पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़ें: पैक्ड साबूदाना खरीदते समय निर्माण या पैकिंग की जानकारी, बैच नंबर, बेस्ट बिफोर डेट और निर्माता का विवरण जरूर देखें। भारत में उपलब्ध पैकेट पर लागू खाद्य सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी जानकारी भी जांचें।
नमी और अजीब गंध से सावधान रहें: साबूदाने में नमी, गांठें, फफूंदी या असामान्य गंध महसूस हो, तो उसे न खरीदें। नमी के कारण खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे साबूदाने का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
भरोसेमंद ब्रांड और दुकानदार से खरीदें: साबूदाना खरीदते समय विश्वसनीय ब्रांड या भरोसेमंद विक्रेता को प्राथमिकता दें। पैकेट की सील टूटी हुई हो या उसमें छेड़छाड़ के संकेत दिखाई दें, तो उसे न खरीदें।
साबूदाना इस्तेमाल करते समय भी बरतें सावधानी
साबूदाना पकाने से पहले उसे साफ पानी से धोकर जरूरत के अनुसार भिगोएं। भिगोने का समय दानों के आकार और रेसिपी के अनुसार रखें। तैयार व्यंजन को साफ बर्तनों में बनाएं और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर खुला न छोड़ें।

