दिल्ली में दिलजीत दोसांझ ने कॉकरोच जनता पार्टी को लिया आड़े हाथ, बोले- पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ''
punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 10:14 AM (IST)
नारी डेस्क: गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने नई दिल्ली में अपने 'ऑरा इंडिया टूर 2026' के पहले दिन, अपनी आने वाली फिल्म 'सतलुज' को लेकर चल रहे विवाद और ऑनलाइन ट्रोलिंग पर बात की। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को आड़े हाथों लेते हुए कहा- उन्हें किसी से भी यह सीखने की ज़रूरत नहीं है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके काम पर आधारित है। खालरा ने 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में पंजाब में हुई कथित गैर-कानूनी हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों के मुद्दे को सामने लाया था यह वह दौर था जब वहां उग्रवाद और उससे निपटने के लिए चलाए जा रहे अभियान (काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशंस) चल रहे थे।
Diljit Dosanjh Hits Back at CJP Over His “I Am an Artist” Remark, Says Punjabis Know How to Fight Their Battles https://t.co/mJDWQZN7Ph
— Grey Insights (@GI_Bharat) October 30, 2026
मंच से दर्शकों को संबोधित करते हुए, गायक ने सभी के प्रति अपना प्यार जताया और लोगों से अपील की कि वे पंजाबियों के संघर्ष को कम न आंकें। दोसांझ ने कहा- "मैं आप सभी से प्यार करता हं क्योंकि मैं एक कलाकार हूं, भाई। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो, मैं आप सभी का समर्थन करता हूं लेकिन पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ना कैसे है।" फिल्म का सीधे तौर पर जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा- "जिस फिल्म का आप मज़ाक उड़ा रहे हैं इसके लिए हमने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है। मैं आप सभी से प्यार करता हूं। अगर कोई हमसे नफरत करता है, तो कोई बात नहीं।" "लेकिन मैं आप सभी से प्यार करता हूँ।" इस साल की शुरुआत में, दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज़ हुई थी, लेकिन दो दिनों के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
कॉन्सर्ट के दौरान सिंगर ने वहां मौजूद भारी भीड़ से कुछ महीने पहले दिए गए अपने उस बयान पर बात की, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं बस एक कलाकार हूँ।" दिलजीत ने यह बात तब कही थी, जब एक फैन ने उनसे भारत में हो रहे 'एग्जाम पेपर लीक' के विरोध-प्रदर्शनों पर उनकी राय पूछी थी। कई लोगों ने गायक के इस जवाब की आलोचना की और इसे 'टालमटोल भरा' बताया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व (जिसमें अभिजीत दिपके भी शामिल थे) ने भी दिलजीत की आलोचना की। उन्होंने दिलजीत पर 'दोहरा रवैया' अपनाने का आरोप लगाया, क्योंकि एक तरफ तो वे 'सतलुज' जैसी राजनीतिक रूप से संवेदनशील फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया। यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है। उन्होंने 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में, जब पंजाब में उग्रवाद और उसके खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का दौर था, कथित तौर पर हुई गैर-कानूनी हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों का पर्दाफाश किया था।

