नवजोत कौर सिद्धू ने कहा- रोज गोमूत्र पीती हूं! कैंसर भी इसी से ठीक हुआ, Viral हुआ Video
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 04:49 PM (IST)
नारी डेस्क : कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर और सही तरीके से इलाज हो जाए तो मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है, लेकिन इलाज में लापरवाही या देरी जानलेवा भी साबित हो सकती है। कैंसर से उबरने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ सही खानपान, समय पर दवाइयों का सेवन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी माने जाते हैं। कई लोग इलाज के साथ कुछ प्राकृतिक तरीकों को सपोर्टिव उपाय के तौर पर अपनाते हैं, लेकिन इन्हें कभी भी मुख्य इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता।

इसी बीच पूर्व कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ नजर आ रही हैं। इस वीडियो में उन्होंने कैंसर के इलाज के दौरान गौमूत्र के सेवन का जिक्र किया, जिसके बाद सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में तीखी बहस छिड़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे बयानों को बिना वैज्ञानिक प्रमाण के इलाज के रूप में पेश करना भ्रामक हो सकता है, जबकि नवजोत कौर सिद्धू इसे अपने व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर बता रही हैं।
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स्टेज-4 कैंसर से जूझ चुकी हैं नवजोत कौर
नवजोत कौर सिद्धू कुछ साल पहले स्टेज-4 ब्रेस्ट कैंसर से जूझ चुकी हैं। सही समय पर इलाज, सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन की बदौलत वे कैंसर फ्री हो सकीं। उनकी यह जर्नी कई कैंसर मरीजों के लिए प्रेरणा रही है। हालांकि, हालिया वायरल वीडियो ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया?
31 जनवरी को वायरल हुए वीडियो में नवजोत कौर सिद्धू यह स्वीकार करती नजर आती हैं कि कैंसर के इलाज के दौरान उन्होंने एलोपैथिक ट्रीटमेंट के साथ-साथ गौमूत्र का सेवन और उससे स्नान भी किया। वीडियो में यह भी संकेत दिया गया कि गौमूत्र कैंसर से लड़ने में मददगार हो सकता है। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
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डॉक्टरों ने जताई कड़ी आपत्ति
कई मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों ने इस दावे पर आपत्ति जताई। विशेषज्ञों का कहना है कि गौमूत्र से कैंसर ठीक होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ऐसे दावे मरीजों को भ्रमित कर सकते हैं और जरूरी इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। बेंगलुरु के एस्टर CMI हॉस्पिटल की ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. पूवम्मा सीयू ने कहा कि जब सार्वजनिक हस्तियां अपने निजी अनुभवों को मेडिकल तथ्य की तरह पेश करती हैं, तो इससे मरीज और उनके परिवार गलत फैसले ले सकते हैं।
नवजोत कौर सिद्धू ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने 3 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी आधुनिक चिकित्सा को छोड़ने की सलाह नहीं दी है। उनका कहना था कि कैंसर के इलाज के लिए एलोपैथिक ट्रीटमेंट ही एकमात्र प्रभावी तरीका है और गौमूत्र या लाइफस्टाइल बदलाव सिर्फ सपोर्टिव थेरेपी के रूप में उनके व्यक्तिगत अनुभव का हिस्सा रहे। इंस्टाग्राम पर किए गए एक विस्तृत पोस्ट में उन्होंने दोहराया कि उनकी जान सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन की वजह से बची। किसी भी वैकल्पिक उपाय को कैंसर का इलाज नहीं माना जा सकता।
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विशेषज्ञों की सख्त चेतावनी
नवी मुंबई के फोर्टिस हिरानंदानी हॉस्पिटल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डायरेक्टर डॉ. शिशिर शेट्टी ने इन दावों को वैज्ञानिक रूप से गलत और संभावित रूप से खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान झूठी उम्मीद पैदा करते हैं और मरीज प्रमाणित इलाज छोड़कर अप्रमाणित तरीकों की ओर जा सकते हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि कैंसर से उबरने का श्रेय केवल साक्ष्य-आधारित मेडिकल ट्रीटमेंट को जाता है। किसी भी मरीज को इलाज के लिए योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट की सलाह और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध पद्धतियों पर ही भरोसा करना चाहिए।

