स्कूल के नाश्ते में मिली मरी छिपकली! 40 बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती

punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 03:17 PM (IST)

नारी डेस्क : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से सरकारी स्कूल में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोट्टैयूर पंचायत यूनियन मिडिल स्कूल में 24 सितंबर की सुबह बच्चों को नाश्ता परोसा गया। खाना खाने के बाद करीब 40 छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी दौरान भोजन में कथित तौर पर मरी हुई छिपकली मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। प्रभावित बच्चों को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

नाश्ता खाने के बाद बच्चों की बिगड़ी तबीयत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोट्टैयूर गांव स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में करीब 54–55 छात्र पढ़ते हैं। गुरुवार सुबह स्कूल में बच्चों को नाश्ता दिया गया। करीब 40 छात्रों ने भोजन कर लिया था, जिसके बाद कुछ बच्चों ने उल्टी, चक्कर और कमजोरी जैसी शिकायत की। इसके बाद स्कूल के कर्मचारियों ने भोजन की जांच की तो बर्तन में छिपकली या उसके कुछ हिस्से होने की बात सामने आई। इसके तुरंत बाद बाकी बच्चों को वह खाना खाने से रोक दिया गया और प्रभावित छात्रों को इलाज के लिए तिरुवल्लूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

38 से 40 बच्चों के अस्पताल पहुंचने की रिपोर्ट

अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में अस्पताल ले जाए गए बच्चों की संख्या 38 से करीब 40 बताई गई है। अस्पताल में बच्चों का उपचार और निगरानी की गई। New Indian Express के मुताबिक, उपचार के बाद सभी प्रभावित बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की स्थिति स्थिर थी।
जिले की कलेक्टर एस. कविता ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना और पूरे मामले की जानकारी ली।

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रसोई और भोजन व्यवस्था की होगी जांच

घटना के बाद प्रशासन ने स्कूल में भोजन तैयार करने वाली रसोई और वहां की साफ-सफाई व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, रसोई एक शेड में थी और आशंका है कि वहीं से छिपकली भोजन में गिर गई होगी। स्कूल परिसर की सफाई, कीड़े-मकौड़ों की रोकथाम और रसोई में जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों को खाना परोसने से पहले शिक्षक भोजन को चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच करें। साथ ही भोजन चखने और बच्चों को परोसने के बीच उचित समय का अंतर रखने को कहा गया है।

दो रसोइयों पर हुई कार्रवाई

घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल में खाना बनाने वाली दो रसोइयों को ड्यूटी से हटा दिया। इसके अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक और संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कई अभिभावक अस्पताल पहुंचे। बच्चों के बीमार पड़ने की खबर से परिवारों में चिंता बढ़ गई। मामले की जांच के साथ यह भी देखा जा रहा है कि भोजन तैयार करने, रखने और बच्चों को परोसने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

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स्कूल के खाने की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलने वाली योजनाओं के तहत भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि खाना तैयार करने वाली जगह, भंडारण और भोजन परोसने की प्रक्रिया की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है। हालांकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने और भोजन में छिपकली मिलने की घटना सामने आई है, लेकिन बीमारी का कारण सिर्फ इसी भोजन को मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। प्रशासन की जांच से ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।


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Content Editor

Monika

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