Chaitra Navratri 2026: जानें नवरात्रि के इस पावन पर्व की शुरुआत कैसे हुई!

punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 04:38 PM (IST)

नारी डेस्क : चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा की शक्ति, उपासना और धर्म की जीत का प्रतीक मानी जाती है। यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी संकेत देता है और वसंत ऋतु में आने के कारण इसे नई ऊर्जा, सकारात्मकता और नई शुरुआत का समय माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है और अंतिम दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। जानें चैत्र नवरात्रि मनाने के मुख्य कारण।

शक्ति की साधना (Navdurga Puja)

चैत्र नवरात्रि देवी शक्ति की आराधना का विशेष पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस उपासना से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति के जीवन में शक्ति, साहस और सकारात्मकता का संचार होता है।

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हिंदू नववर्ष की शुरुआत (Hindu New Year)

चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नवसंवत्सर यानी हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। यह समय जीवन में नई ऊर्जा, नए संकल्प और सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर देता है। लोग इस दौरान अपने जीवन में नई योजनाएं बनाते हैं, पुराने नकारात्मक विचारों को छोड़कर एक नई शुरुआत करते हैं और सफलता व समृद्धि की कामना करते हैं।

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महिषासुर पर विजय (Victory of Good over Evil)

मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी। यही कारण है कि चैत्र नवरात्रि को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और यह पर्व हमें सच्चाई, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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राम नवमी (Ram Navami)

नवरात्रि के नौवें दिन भगवान राम का जन्मोत्सव, यानी राम नवमी मनाई जाती है। इस दिन को बेहद पवित्र माना जाता है और यह पर्व चैत्र नवरात्रि की महिमा को और भी बढ़ा देता है, साथ ही भक्तों में श्रद्धा और भक्ति का संचार करता है।

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ऋतु परिवर्तन और स्वास्थ्य (Ritual & Health)

चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है, जब मौसम में बदलाव होता है। इस दौरान व्रत रखना और सात्त्विक भोजन करना शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, साथ ही मानसिक शुद्धता और संयम भी बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ महसूस करता है।

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चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि को वासंतिक नवरात्रि भी कहा जाता है। इस दौरान कलश स्थापना, उपवास, दुर्गा सप्तशती का पाठ और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इन उपायों से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

चैत्र नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और सकारात्मक जीवन की शुरुआत का अवसर है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा से हम अपने जीवन की नकारात्मकताओं को दूर कर सकते हैं और सुख-समृद्धि की ओर बढ़ सकते हैं।
 


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Monika

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