स्टेंट डलवाने के बाद भी क्या आ सकता है हार्ट अटैक? डॉक्टर से समझें पूरी बात

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 04:58 PM (IST)

नारी डेस्क: अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि दिल में स्टेंट लगने के बाद हार्ट की बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है और अब कोई खतरा नहीं रहता। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह एक गलतफहमी है। सच्चाई यह है कि स्टेंट लगने के बाद भी दोबारा हार्ट अटैक आ सकता है, खासकर अगर जीवनशैली में सुधार न किया जाए।

स्टेंट कब और क्यों लगाया जाता है?

जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों (कोरोनरी आर्टरीज) में कोलेस्ट्रॉल जमा होकर ब्लॉकेज बना लेता है और खून का बहाव रुकने लगता है, तब स्टेंट लगाया जाता है।

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स्टेंट एक धातु की जाली होती है

इसे ब्लॉकेज वाली नस में डाला जाता है।इसका काम उस नस को खुला रखना होता है, ताकि दिल तक खून सही मात्रा में पहुंच सके। आमतौर पर हार्ट अटैक के बाद या गंभीर ब्लॉकेज की स्थिति में स्टेंट लगाया जाता है।

स्टेंट के बाद भी हार्ट अटैक क्यों हो सकता है?

स्टेंट सिर्फ एक खास नस को खोलता है, लेकिन यह दिल की बाकी नसों को सुरक्षित नहीं करता। अगर मरीज स्टेंट लगने के बाद भी  तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना खाता है। धूम्रपान या शराब का सेवन करता है। एक्सरसाइज नहीं करता। दवाएं समय पर नहीं लेता। तनाव में रहता है। तो दिल की दूसरी नसों में फिर से ब्लॉकेज बन सकता है। यही कारण है कि स्टेंट के बावजूद दोबारा हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है।

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डॉक्टर क्या कहते हैं?

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, नई दिल्ली के हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार “स्टेंट किसी प्राकृतिक नस का विकल्प नहीं है। यह केवल एक अस्थायी सहारा है, जो उस समय जान बचाने में मदद करता है। बार-बार स्टेंट डालना न सुरक्षित है और न ही स्थायी समाधान। दोबारा हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो सकती है और इलाज भी मुश्किल हो जाता है।”

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स्टेंट लगने के बाद मरीज को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

स्टेंट के बाद मरीज पहले से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। दोबारा दिल का दौरा पड़ने पर जान का खतरा बढ़ जाता है। फिर से एंजियोप्लास्टी या नया स्टेंट डालना पड़ सकता है। कुछ मामलों में शरीर स्टेंट को स्वीकार नहीं करता, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। इसीलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि स्टेंट लगने के बाद लापरवाही बिल्कुल न करें।

दिल को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

संतुलित और हेल्दी डाइट लें। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं। तनाव को कंट्रोल करें। नियमित रूप से हार्ट चेकअप कराते रहें। स्टेंट इलाज का सिर्फ एक हिस्सा है, पूरा इलाज नहीं। असल इलाज है – स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। अगर स्टेंट के बाद सही खानपान और आदतों का ध्यान रखा जाए, तो दिल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।  


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Content Editor

Priya Yadav

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