हेयर एक्सटेंशन से बढ़ सकता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? जानिए रिसर्च क्या कहती है

punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 09:44 AM (IST)

 नारी डेस्क:  आज के समय में बालों को लंबा, घना और स्टाइलिश दिखाने के लिए हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल काफी आम हो गया है। लाखों महिलाएं नियमित रूप से विग, क्लिप-इन और ब्रेडिंग हेयर का उपयोग करती हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इन प्रोडक्ट्स की सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।

रिसर्च में क्या मिला?

अमेरिका में हुई इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने अलग-अलग तरह के हेयर एक्सटेंशन के 43 सैंपल्स की जांच की। जांच के दौरान करीब 170 तरह के केमिकल्स पाए गए, जिनमें से कई ऐसे थे जो शरीर के लिए हानिकारक माने जाते हैं। इनमें कुछ केमिकल्स कैंसर से जुड़े, कुछ हार्मोन को प्रभावित करने वाले और कुछ टॉक्सिक कैटेगरी में आते हैं।

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खतरनाक केमिकल्स की मौजूदगी

रिसर्च के अनुसार, इन एक्सटेंशन में फ्थेलेट्स और ऑर्गेनोटिन जैसे केमिकल्स पाए गए, जो शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम यानी हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। यह सिस्टम शरीर के विकास, प्रजनन और कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करता है। ऐसे में इसका असंतुलन लंबे समय में स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।

क्या ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है?

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कुछ सैंपल्स में ऐसे केमिकल्स भी मिले, जो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह साफ किया है कि इससे सीधे तौर पर कैंसर होना साबित नहीं हुआ है, लेकिन लगातार और लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से जोखिम बढ़ सकता है।

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लंबे समय तक संपर्क का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर एक्सटेंशन लंबे समय तक स्कैल्प, गर्दन और त्वचा के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में इनमें मौजूद केमिकल्स धीरे-धीरे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यही कारण है कि इनका असर तुरंत नहीं, बल्कि समय के साथ देखने को मिल सकता है।

“नेचुरल” भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं

रिसर्च में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि सिर्फ सिंथेटिक ही नहीं, बल्कि “100 प्रतिशत नैचुरल” या मानव बालों से बने एक्सटेंशन में भी खतरनाक केमिकल्स पाए गए। इसका मतलब यह है कि केवल “नेचुरल” लेबल होने से कोई प्रोडक्ट पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता।

गर्म करने पर निकल सकती हैं जहरीली गैसें

इसके अलावा, जब इन एक्सटेंशन को स्टाइल करने के लिए गर्म किया जाता है या उबलते पानी में डाला जाता है, तो इनमें से जहरीली गैसें निकल सकती हैं। ये गैसें सांस के जरिए शरीर में जा सकती हैं, जिससे उपयोग करने वाले के साथ-साथ हेयर स्टाइलिस्ट को भी खतरा हो सकता है।

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सामने आए साइड इफेक्ट्स

कुछ लोगों ने हेयर एक्सटेंशन के इस्तेमाल के बाद खुजली, त्वचा में जलन, एलर्जी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं की भी शिकायत की है। हालांकि ये लक्षण हर किसी में नहीं होते, लेकिन संवेदनशील लोगों के लिए यह परेशानी का कारण बन सकते हैं।

नियमों की कमी बनी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इस इंडस्ट्री में अभी तक केमिकल्स को लेकर सख्त नियमों की कमी है। कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किए गए सभी तत्वों की पूरी जानकारी नहीं देतीं, जिससे उपभोक्ता अनजाने में जोखिम उठा लेते हैं।

क्या बरतें सावधानी?

अंत में, डॉक्टर और एक्सपर्ट यही सलाह देते हैं कि हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल से बचें, भरोसेमंद ब्रांड चुनें और अगर कोई समस्या महसूस हो तो तुरंत इसका उपयोग बंद कर दें। जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह के संभावित खतरों से बचने का सबसे बेहतर तरीका है। 

 

 


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Content Editor

Priya Yadav

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