रात में दांत पीसना नहीं है सामान्य! जानिए इसके पीछे की वजह और नुकसान
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 12:59 PM (IST)
नारी डेस्क : क्या आपने कभी किसी को सोते समय दांत पीसते हुए देखा है? या फिर आपके घर में कोई बच्चा या बड़ा नींद में दांत किटकिटाता है? इसे सामान्य आदत समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को ब्रुक्सिज्म (Bruxism) कहा जाता है। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो दांतों के साथ-साथ जबड़े की मांसपेशियों और नींद की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं ब्रुक्सिज्म क्या है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
क्या है ब्रुक्सिज्म (Bruxism)?
ब्रुक्सिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अनजाने में दांतों को जोर-जोर से भींचता या पीसता है। यह समस्या दिन में भी हो सकती है, लेकिन अधिकतर लोगों में यह नींद के दौरान (Sleep Bruxism) होती है। इसे एक प्रकार का स्लीप डिसऑर्डर माना जाता है। यह समस्या बच्चों और बड़ों, दोनों में हो सकती है। कई मामलों में व्यक्ति को खुद भी पता नहीं चलता कि वह रात में दांत पीसता है।

नींद में दांत क्यों पीसते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रुक्सिज्म के पीछे कई कारण हो सकते हैं
जैसे, तनाव (Stress)
चिंता (Anxiety)
मानसिक दबाव या थकान होना।
नींद से जुड़ी समस्याएं (Sleep Disorders)
बच्चों में डरावने सपने (Nightmares)
कुछ मामलों में दांतों की गलत बनावट या अन्य चिकित्सकीय कारण
हर व्यक्ति में इसकी वजह अलग-अलग हो सकती है, इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।
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ब्रुक्सिज्म से क्या नुकसान हो सकते हैं?
अगर लंबे समय तक दांत पीसने की आदत बनी रहे, तो कई समस्याएं हो सकती हैं।
दांत घिसने लगते हैं।
दांत कमजोर होकर टूट सकते हैं।
दांतों में दर्द और संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
जबड़े में दर्द या अकड़न हो सकती है।
सिरदर्द और चेहरे की मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
बच्चों में दांत समय से पहले खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

क्या ब्रुक्सिज्म को रोका जा सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार सही लाइफस्टाइल अपनाकर और समय पर इलाज कराकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
रोजाना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
तनाव और चिंता को कम करने की कोशिश करें।
सोने से पहले रिलैक्सेशन एक्सरसाइज या मेडिटेशन करें।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से माउथ गार्ड (Night Guard) का इस्तेमाल करें।
कैफीन और शराब का सेवन सीमित रखें, खासकर रात के समय।
अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डेंटिस्ट या स्लीप स्पेशलिस्ट से सलाह लें।

अगर दांत पीसने की वजह से दांत घिस रहे हों, जबड़े में दर्द रहता हो, बार-बार सिरदर्द होता हो या परिवार का कोई सदस्य नियमित रूप से आपको नींद में दांत पीसते हुए नोटिस करे, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से दांतों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

