दीपिका कक्कड़ के ससुर को स्ट्रोक नहीं, ब्रेन हेमरेज हुआ! इस बार बदले लक्षण- जानिए फर्क
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 09:57 AM (IST)
नारी डेस्क: टीवी एक्टर शोएब इब्राहिम ने हाल ही में अपने पिता की हेल्थ को लेकर अपडेट साझा किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार को लगा था कि उनके पिता को स्ट्रोक आया है, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने इसे ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage) बताया। यह स्थिति ब्रेन स्ट्रोक का ही एक गंभीर प्रकार होती है, जिसमें दिमाग की नस फटने से अंदरूनी ब्लीडिंग हो जाती है। फिलहाल उनके पिता आईसीयू में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी स्थिति पहले से थोड़ी स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इलाज अभी जारी है।
क्या हुआ है शोएब इब्राहिम के पिता को?
शोएब इब्राहिम के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि उनके पिता के ब्रेन में ब्लीडिंग हुई है, जिसे ब्रेन हेमरेज कहा जाता है। इस स्थिति में दिमाग की किसी नस के फटने से खून रिसने लगता है, जिससे ब्रेन पर दबाव बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने फिलहाल ब्लीडिंग और सूजन को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया है। इसके बाद ही ब्रेन से जमा खून को निकालने के लिए एंडोस्कोपी की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया कुछ दिनों के इंतजार के बाद की जाएगी, ताकि मरीज की स्थिति स्थिर हो सके।

पहले स्ट्रोक और इस बार की स्थिति में क्या फर्क है
शोएब ने बताया कि इससे पहले उनके पिता को इस्केमिक स्ट्रोक हुआ था, जिसमें ब्रेन में ब्लड क्लॉट बनने से शरीर की बाईं तरफ लकवा हो गया था। उस समय मरीज बोल भी पा रहे थे और धीरे-धीरे रिकवर भी हो गए थे। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। ब्रेन हेमरेज के कारण इस बार मरीज की बोलने की क्षमता प्रभावित हुई है। साथ ही शरीर के दाईं तरफ कमजोरी और दिक्कत देखी जा रही है। इसके अलावा डॉक्टरों के अनुसार उनकी दृष्टि (vision) पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हेमरेज में दिमाग पर दबाव तेजी से बढ़ता है, इसलिए इसके लक्षण अधिक गंभीर और तेज़ी से बिगड़ने वाले हो सकते हैं।
स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज आखिर हैं क्या
आम भाषा में स्ट्रोक को “ब्रेन अटैक” कहा जाता है। यह तब होता है जब दिमाग तक खून का प्रवाह रुक जाता है या कम हो जाता है। इसके दो मुख्य प्रकार होते हैं
इस्केमिक स्ट्रोक: जब दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट बन जाता है और ब्लड सप्लाई रुक जाती है
ये भी पढ़ें: बिना चोट लगे शरीर में नज़र आते हैं नीले निशान, इसे इग्नोर न करें समझें कारण
हेमरेजिक स्ट्रोक (ब्रेन हेमरेज): जब दिमाग की नस फट जाती है और अंदर ब्लीडिंग होने लगती है
हेमरेज को स्ट्रोक का ज्यादा गंभीर रूप माना जाता है क्योंकि इसमें ब्रेन के अंदर प्रेशर तेजी से बढ़ता है।
क्या स्ट्रोक में सिर्फ लकवा ही होता है
यह एक आम गलतफहमी है कि स्ट्रोक में सिर्फ हाथ-पैर में लकवा आता है। असल में स्ट्रोक के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि दिमाग का कौन-सा हिस्सा प्रभावित हुआ है।

स्ट्रोक या हेमरेज दोनों में ये लक्षण देखे जा सकते हैं
बोलने में दिक्कत
देखने में परेशानी
चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी
तेज सिरदर्द
संतुलन बिगड़ना
ब्रेन हेमरेज में लक्षण अक्सर ज्यादा तेजी से और गंभीर रूप में सामने आते हैं।
B.E.F.A.S.T नियम से पहचानें स्ट्रोक के संकेत
डॉक्टरों के अनुसार स्ट्रोक की पहचान में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। अगर शुरुआती 3 घंटे में इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बचाने और ब्रेन डैमेज कम करने की संभावना बढ़ जाती है। इसी के लिए B.E.F.A.S.T नियम बताया जाता है
B (Balance): चक्कर या संतुलन खोना
E (Eyes): देखने में अचानक समस्या
F (Face): चेहरे का टेढ़ा होना या मुस्कान असामान्य लगना
A (Arms): हाथ उठाने में कमजोरी
S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट
T (Time): समय बर्बाद न करें, तुरंत अस्पताल जाएं
लक्षण दिखने का समय नोट करना भी डॉक्टरों के लिए बेहद मददगार होता है।

हाई BP और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के सबसे बड़े कारणों में हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं। अगर इन पर समय रहते नियंत्रण न रखा जाए तो नसों पर दबाव बढ़ सकता है और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

