न Lipstick थी न Lip Tint, जानें फिर कैसे होंठों को रंगती थीं रानी-महारानियां

punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 02:19 PM (IST)

नारी डेस्क : आज बाजार में लिपस्टिक, लिप टिंट और लिप बाम के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सदियों पहले जब ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स नहीं थे, तब रानी-महारानियां अपने होंठों को खूबसूरत और गुलाबी कैसे रखती थीं? दरअसल, उस दौर में प्राकृतिक रंगों और जड़ी-बूटियों से तैयार किए गए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल किया जाता था, जो होंठों को रंग देने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी करते थे। आइए जानते हैं रानी-महारानियों के कुछ ऐसे ही दिलचस्प नेचुरल ब्यूटी सीक्रेट्स।

क्या प्राचीन समय में लिपस्टिक होती थी?

आज की तरह ट्यूब वाली लिपस्टिक या लिक्विड लिप टिंट उस समय उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, भारत, मिस्र और अन्य प्राचीन सभ्यताओं में महिलाएं पौधों, फूलों, फलों और प्राकृतिक खनिजों से बने रंगों का इस्तेमाल होंठों और गालों को सजाने के लिए करती थीं। ये रंग पूरी तरह प्राकृतिक होते थे और कई बार त्वचा की देखभाल भी करते थे।

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चुकंदर का रस (Beetroot Juice)

चुकंदर का गहरा लाल रंग प्राकृतिक लिप टिंट की तरह काम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C होंठों की देखभाल में भी मदद कर सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?
ताजा चुकंदर का रस निकाल लें।
कॉटन की मदद से होंठों पर लगाएं।
सूखने के बाद जरूरत हो तो दूसरी परत लगाएं।
फायदा: होंठों पर हल्का गुलाबी-लाल रंग और नैचुरल ग्लो मिलता है।

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केसर (Saffron)

केसर को प्राचीन समय से सुंदरता बढ़ाने वाले प्राकृतिक तत्व के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, केसर होंठों पर गहरा लाल रंग नहीं छोड़ता, लेकिन यह होंठों की देखभाल और हल्की चमक देने में मदद कर सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल?
कुछ केसर के रेशों को गुलाबजल या दूध की कुछ बूंदों में भिगो दें।
तैयार मिश्रण को होंठों पर हल्के हाथों से लगाएं।

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गुड़हल के फूल (Hibiscus)

गुड़हल के फूलों में प्राकृतिक लाल रंगद्रव्य (Anthocyanins) पाए जाते हैं, जिनका उपयोग प्राकृतिक रंग बनाने के लिए किया जा सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल?
ताजे गुड़हल के फूलों का पेस्ट या रस तैयार करें।
इसे होंठों पर 10–15 मिनट लगाएं।
बाद में साफ कर लें।
फायदा: होंठों पर हल्का प्राकृतिक टिंट और ताजगी का एहसास।

गुलाब की पंखुड़ियां (Rose Petals)

गुलाब की पंखुड़ियां भी पुराने समय से होंठों की देखभाल के लिए इस्तेमाल की जाती रही हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?
गुलाब की ताजी पंखुड़ियों को दूध या शहद के साथ पीस लें।
इस पेस्ट को होंठों पर लगाएं।
फायदा: होंठ मुलायम रहते हैं और हल्की गुलाबी आभा मिल सकती है।

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अनार का रस (Pomegranate Juice)

अनार का रस भी प्राकृतिक रंग देने वाले विकल्पों में शामिल है।

कैसे करें इस्तेमाल?
ताजा अनार का रस निकालें।
थोड़ा शहद मिलाकर होंठों पर लगाएं।
फायदा: होंठों को हल्का लाल रंग और नमी मिलती है।

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क्या ये नेचुरल लिप कलर लंबे समय तक टिकते हैं?

प्राकृतिक रंगों का असर आमतौर पर आधुनिक लिपस्टिक जितना लंबे समय तक नहीं रहता। इन्हें बार-बार लगाना पड़ सकता है। साथ ही, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है।

ध्यान रखें इन बातों पर

केवल ताजी और साफ सामग्री का ही इस्तेमाल करें।
अगर होंठ फटे हुए हैं या एलर्जी है, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें।
किसी भी प्राकृतिक सामग्री से जलन या खुजली हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
प्राकृतिक लिप टिंट आधुनिक लिपस्टिक का पूरी तरह विकल्प नहीं हैं, लेकिन हल्का रंग और देखभाल दोनों दे सकते हैं।

रानी-महारानियां खूबसूरती के लिए प्रकृति पर भरोसा करती थीं। चुकंदर, गुड़हल, गुलाब और अनार जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल होंठों को हल्का रंग देने और उनकी देखभाल के लिए किया जाता था। अगर आप भी केमिकल युक्त लिप प्रोडक्ट्स से बचना चाहती हैं, तो इन नेचुरल विकल्पों को आजमा सकती हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता का ध्यान जरूर रखें।


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Content Editor

Monika

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