सिर पर जम गई सफेद पपड़ी हो रही है तेज खुजली? तो जानिए इस समस्या का सबसे बड़ा कारण
punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 12:05 PM (IST)
नारी डेस्क: बारिश बढ़ने के साथ, बहुत से लोग देखते हैं कि उन्हें अचानक डैंड्रफ और खुजली की समस्या हो रही है और उनके कंधों पर सफेद पपड़ी गिर रही है। अगर मॉनसून के दौरान आपके सिर की त्वचा (स्कैल्प) में ज़्यादा खुजली या पपड़ी महसूस होती है, तो यह सिर्फ़ आपकी कल्पना नहीं है। डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि यह मौसम स्कैल्प पर पपड़ी जमने की समस्या को बढ़ा देता है, यहां तक कि उन लोगों में भी जिन्हें आम तौर पर डैंड्रफ की समस्या नहीं होती। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसका पेट से भी गहरा कनेक्शन है। चलिए जानते हैं इस समस्या का कारण और क्या है इकसा इलाज

क्या है मैलासेज़िया
HT लाइफ़स्टाइल को दिए एक इंटरव्यू में मॉनसून के दौरान डैंड्रफ़ और स्कैल्प पर पपड़ी जमने की समस्या को लेकर बताया कि- "मॉनसून 'मैलासेज़िया' (Malassezia) नाम के फंगस के बेकाबू होने के लिए एकदम सही माहौल बनाता है। मैलासेज़िया पूरे साल हर किसी के स्कैल्प पर रहता है और स्कैल्प से निकलने वाले नैचुरल ऑयल से अपना पोषण लेता है। जब तक हालात इसके पक्ष में नहीं होते, तब तक यह कोई समस्या नहीं बनता, और मॉनसून ठीक यही करता है।" जब ह्यूमिडिटी तेज़ी से बढ़ती है, तो स्कैल्प पर ज़्यादा पसीना आता है और सिबेसियस ग्लैंड्स (sebaceous glands) ज़्यादा ऑयल बनाने लगते हैं। इसी गर्म, नमी वाले और ऑयली माहौल में मैलासेज़िया तेज़ी से पनपता है। जब यह बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है, तो इम्यून सिस्टम में सूजन (inflammation) वाली प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है।
पपड़ी और गुच्छों के बढ़ने का कारण
यह सूजन स्कैल्प पर स्किन सेल्स के नैचुरल बनने और झड़ने की प्रक्रिया (turnover cycle) को तेज़ कर देती है। ऐसे में, स्किन सेल्स सामान्य रूप से अदृश्य तरीके से झड़ने के बजाय, पपड़ी या गुच्छों के रूप में दिखाई देने लगते हैं। यही वह पपड़ी है जो हमें दिखाई देती है। डॉक्टर बताते हैं- मौसम बदलने से स्कैल्प की सेहत पर काफी असर पड़ सकता है। शरीर की बाकी त्वचा की तरह, सिर की त्वचा (स्कैल्प) भी लगातार खुद को नया करती रहती है। पुरानी स्किन सेल्स झड़ जाती हैं और कुछ हफ़्तों में उनकी जगह नई सेल्स आ जाती हैं। आम तौर पर, ये छोटे-छोटे टुकड़े बाल धोने के दौरान निकल जाते हैं और पता भी नहीं चलते। हालांकि, मॉनसून में यह प्रक्रिया उल्टी हो जाती है। स्किन सेल्स के झड़ने की स्वाभाविक प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे सिर की त्वचा पर डेड सेल्स जमा हो जाते हैं। समय के साथ ये पपड़ी या टुकड़ों के रूप में दिखाई देते हैं और इनसे खुजली भी हो सकती है।

पेट और डैंड्रफ के बीच भी है कनेक्शन
डॉक्टर बताते हैं- डैंड्रफ और सेबोरिक डर्मेटाइटिस (एक ऐसी स्थिति जिसमें त्वचा की पपड़ी ज़्यादा निकलती है, लालिमा और खुजली होती है) एक ही तरह की फंगल गतिविधि से जुड़े हैं। डैंड्रफ और सेबोरिक डर्मेटाइटिस, दोनों ही इसी फंगस की वजह से होते हैं। हालांकि स्कैल्प की देखभाल ज़रूरी है, लेकिन शरीर के अंदरूनी कारण भी समस्या को बढ़ा सकते हैं। डॉक्टर की मानें तो पेट के माइक्रोबायोम और स्कैल्प के बीच लोगों की सोच से कहीं ज़्यादा गहरा संबंध है। मॉनसून के दौरान खान-पान में बदलाव, स्ट्रीट फ़ूड का ज़्यादा सेवन और पेट के इन्फेक्शन आम बात है। जब पेट की सुरक्षात्मक परत (gut barrier) कमजोर हो जाती है, तो शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ जाती है, और इससे स्कैल्प की सूजन भी और बिगड़ सकती है।"
मानसून में डैंड्रफ और स्कैल्प की पपड़ी से कैसे बचें
अपने बाल रेगुलर धोएं: स्कैल्प की साफ़-सफ़ाई रखना, पपड़ी जमने से रोकने का सबसे आसान तरीका है। स्कैल्प पर पपड़ी जमने की समस्या से जूझ रहे बहुत से लोग हफ़्ते में सिर्फ़ एक बार बाल धोते हैं, जिससे स्कैल्प पर डेड स्किन सेल्स, पसीना, तेल और गंदगी जमा हो जाती है। मानसून के दौरान स्कैल्प को साफ़ रखने और पपड़ी जमने से बचाने के लिए हफ़्ते में कम से कम दो या तीन बार बाल धोना एक आम सलाह है।"
एंटीफंगल शैम्पू का सही तरीके से इस्तेमाल करें: यह सबसे ज़रूरी बात है। कीटोकोनाज़ोल, जिंक पाइरिथियोन या सेलेनियम सल्फाइड वाले शैम्पू का हफ़्ते में दो बार इस्तेमाल करने से स्कैल्प पर मैलासेज़िया (Malassezia) की मात्रा तेज़ी से कम होती है।"
अपने स्कैल्प को सूखा रखें: घंटों तक स्कैल्प का गीला रहना फंगस के बढ़ने का कारण बन सकता है। बाल धोने या भीगने के बाद अपने स्कैल्प और बालों की जड़ों को अच्छी तरह सुखा लें। कम हीट वाले ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल करना बिल्कुल ठीक है और यह स्कैल्प को गीला छोड़ने से कहीं बेहतर है।"
स्कैल्प पर ज़्यादा तेल लगाने से बचें: हालांकि बालों में तेल लगाना बालों की देखभाल का एक पारंपरिक तरीका है, लेकिन उमस भरे मौसम में ज़्यादा तेल लगाने से डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है। ज़्यादा गाढ़ा तेल स्कैल्प पर जमा रहता है, नमी को रोककर रखता है और मैलासेज़िया (Malassezia) फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाता है।

