बथुआ फैटी लिवर को ठीक कर सकता है, जानिए रिसर्च क्या कहती है
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 02:04 PM (IST)
नारी डेस्क: आजकल गलत लाइफस्टाइल और खानपान के कारण फैटी लिवर यानी लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा होना एक आम समस्या बन गई है। पहले यह समस्या केवल कुछ लोगों में पाई जाती थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हैं। ऐसे में अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि क्या बथुआ खाना फैटी लिवर के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय।
फैटी लिवर क्या है और क्यों बढ़ रहा है
फैटी लिवर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। यह मात्रा यदि 5-10 प्रतिशत से अधिक हो जाए, तो लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता। भारत में फैटी लिवर मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण है गलत खानपान, जंक फूड, मीठे पेय, शराब और बैठने वाली लाइफस्टाइल।अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो फैटी लिवर सूजन, सिरोसिस और यहां तक कि लिवर फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, जैसे थकान, पेट भारी रहना या अपच, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।

बथुआ: एक अनजाना सुपरफूड
सर्दियों में मिलने वाला बथुआ अक्सर लोग कम महत्व देते हैं। यह सरसों और पालक के मुकाबले कम चर्चित है, लेकिन पोषण के मामले में यह किसी से कम नहीं है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे लिवर के लिए फायदेमंद मानते हैं। बथुआ में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और कई प्राकृतिक तत्व होते हैं जो शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करते हैं। खास बात यह है कि यह नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (NAFLD) में भी सहायक माना जाता है।
रिसर्च क्या कहती है
Journal of Dietary Supplements में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार बथुआ में फेनोलिक कंपाउंड्स और फ्लैवोनोइड्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है। फैटी लिवर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे लिवर की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं। बथुआ के एंटीऑक्सीडेंट गुण इस स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। रिसर्च में यह भी पाया गया कि बथुआ का अर्क ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में मदद करता है। इसमें मौजूद सैपोनिन्स लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने की प्रक्रिया को तेज करते हैं।
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बथुआ कैसे काम करता है
जब लिवर में ज्यादा फैट जमा होता है, तो ALT और AST जैसे लिवर एंजाइम्स बढ़ जाते हैं। रिसर्च के अनुसार बथुआ इन एंजाइम्स को सामान्य स्तर पर लाने में मदद कर सकता है। यह लिवर की कोशिकाओं की झिल्ली को मजबूत करता है और उनके काम करने की क्षमता को सुधारता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के अनुसार बथुआ पित्त उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे वसा का पाचन बेहतर होता है। इसके चलते लिवर में जमी चर्बी धीरे-धीरे घटती है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।

बथुआ का सही सेवन
एक्सपर्ट्स के अनुसार बथुआ का सेवन सर्दियों में इम्यूनिटी और लिवर दोनों के लिए फायदेमंद है। इसके लिए कुछ बातें ध्यान में रखनी जरूरी हैं बथुआ को ज्यादा तेल और मसालों में पकाने से बचें। इसे हल्का उबालकर, पत्तों का पानी या सीमित मात्रा में ताजा जूस के रूप में लें। संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ बथुआ को शामिल करें।
इस तरह, बथुआ फैटी लिवर को कंट्रोल करने और धीरे-धीरे सुधारने में मदद कर सकता है।

