बांके बिहारी मंदिर में टूटी सालों की परंपरा, पैसों के कारण नहीं सजा ठाकुर जी के लिए फूल बंगला

punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 04:02 PM (IST)

नारी डेस्क:  वृन्दावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले विशिष्टजन (वीआईपी) अब अपने साथ निजी सुरक्षाकर्मियों को मंदिर के भीतर नहीं ले जा सकेंगे। यह निर्णय उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में लिया गया। विगत दिनों मध्य प्रदेश के एक विशिष्टजन के साथ आए निजी सुरक्षाकर्मी द्वारा जूते पहनकर मंदिर में प्रवेश करने और वहां तैनात सुरक्षार्मियों की ओर से बाहर जाने की सलाह दिए जाने के बाद भी आसानी से उसका पालन न करने पर हंगामा हुआ था। 
PunjabKesari

विशिष्टजन के साथ आए सुरक्षाकर्मी की हरकत का मंदिर के सेवायतों और भक्तों ने कड़ा विरोध किया था। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार पूर्व जिला न्यायाधीश मुकेश मिश्रा, जिला न्यायाधीश विकास कुमार, जिलाधिकारी एवं सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त मथुरा-वृन्दावन नगर निगम जगप्रवेश आदि पदेन सदस्यों व सेवायत समूहों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में लिए गए निर्णय के मुताबिक मंदिर में निजी सुरक्षाकर्मियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए मंदिर के प्रबंधक को निर्देश दिए गए और तय किया गया कि जल्द ही इस संबंध में नए नियम लागू किए जाएंगे।

PunjabKesari
इसक अलावा मंदिर में ग्रीष्म काल में ठाकुरजी को गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए सजाए जाने वाले 'फूल-बंगलों' के लिए तय की गई अपेक्षित राशि में 50 हजार रुपये की छूट दे दी गई है।   साथ ही मंदिर खुलने से एक घंटे पहले फूल बंगला सजाने वाले के यजमान और उसके परिजन को सिंहासन पूजा की भी अनुमति दी गई। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने पर मंथन किया गया।  ऐसा पहली बार हुआ था कि गर्मियों में मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय सजने वाले फूल बंगलों में  व्यवधान आया। 

 

PunjabKesari
श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के नियम बताए जा रहे हैं। इसमें बंगला पूजन न करने देने और शुल्क में दस गुना वृद्धि करना है। इन कारणों से भक्त फूलबंगले की सेवा से पीछे हट रहे हैं। गर्मी आते ही आराध्य श्रीबांकेबिहारी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर में नियमित रूप से सुबह और शाम के समय सुगंधित पुष्पों से बंगला सजाने की प्राचीन परंपरा है। इस बार मंदिर में 29 मार्च से बुधवार तक सात बार फूल बंगला नहीं सज सका। दरअसल फूल बंगला का शुल्क दस गुना बढ़ने के कारण भक्त निराश थे। अब इसे लेकर एक ही रेट तय कर दिया गया है। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static