मंदिर गिरने के बाद भी ‘अडिग’ खड़ी रही बजरंगबली की 170 साल पुरानी मूर्ति, भक्तों के निकले आंसू
punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 06:14 PM (IST)
नारी डेस्क: जहां एक तरफ फिल्म हनुमान अंश अपना चमत्कार दिखा रही है तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित 170 साल पुराने 'खड़े हनुमान' मंदिर में कुछ ऐसा देखने को मिला। इस प्राचीन शहर में, नगर निगम की टीम जब 170 साल पुरानी ऐतिहासिक 'खड़े हनुमान जी' की मूर्ति को हटाने आई तो उनसे पसीने छूट गए । भक्तों का मानना है कि भगवान अपनी जगह से हिलना नहीं चाहते।

अधिकारियों के छूटे पसीने
दरअसल शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम के कारण करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को मौजूदा स्थान से हटाकर दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सड़क का विस्तार यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। साथ ही मंदिर की धार्मिक पहचान और परंपराओं को बनाए रखते हुए पुनर्स्थापना की जा रही है। शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान निगम ने मंदिर के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया, लेकिन जब बारी महाबली हनुमान की मुख्य प्रतिमा को हटाने की आई, तो अधिकारियों के पसीने छूट गए।
श्रद्धालुओं की आंखें हुई नम
मंदिर का बाहरी ढांचा तो हटा दिया गया लंकिन इस चमत्कारिक प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए हटाना प्रशासन के लिए नामुमकिन सा साबित हो रहा है। महाबली हनुमान की मूर्ति के अडिग होने के चलते नगर निगम को अपने कदम पीछे खींचने पड़े, यह खबर मिलते ही मूर्ति के आस- पास भक्तों का तांता लग गया। कार्रवाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई और पुजारियों और संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें।

मंदिर को पुनर्स्थापित करने पर सहमति
मंदिर से जुड़े परिवार के मुताबिक करीब पांच पीढ़ियों से उनके परिवार के लोग यहां पूजा और देखरेख की जिम्मेदारी निभाते आ रहे हैं। ऐसे में मंदिर का स्थानांतरण केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं से भी जुड़ा विषय है। प्रशासन और मंदिर से जुड़े लोगों के बीच बातचीत के बाद मंदिर को टंकी चौक क्षेत्र में पुनर्स्थापित करने पर सहमति बनी है। नई जगह से संबंधित दस्तावेज भी मंदिर पक्ष को उपलब्ध कराए गए हैं। मंदिर शिफ्टिंग के दौरान प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें मौजूद हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके, और किसी भी तरह का व्यवधान ना उत्पन्न हो।

