Astrology अब बना बड़ा कारोबार, Astrotalk से InstaAstro तक प्लेटफॉर्म्स पर बरस रहा निवेशकों का पैसा

punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 10:28 AM (IST)

 नारी डेस्क: भारत में ज्योतिष अब सिर्फ कुंडली दिखाने या पंडित से सलाह लेने तक सीमित नहीं रह गया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने इसे एक बड़े कारोबार में बदल दिया है। लोग अब घर बैठे ज्योतिषियों से सलाह लेने के साथ-साथ पूजा, आध्यात्मिक सेवाएं और ज्योतिष से जुड़े सामान भी ऑनलाइन खरीद रहे हैं। यही वजह है कि Astrotalk और InstaAstro जैसे प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं और बड़े निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इस कारोबार की बढ़ती ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण Astrotalk है। अगस्त में यह कंपनी करीब 1 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ भारत के यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में परिचालन से 1,176 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो इससे पिछले साल के 651 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का कर-पूर्व लाभ भी 127 करोड़ रुपये से बढ़कर 285 करोड़ रुपये हो गया।

InstaAstro का कारोबार भी तेजी से बढ़ा

पिछले करीब पांच साल में InstaAstro ने भी ऑनलाइन ज्योतिष के बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाई है। कंपनी का सालाना राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 52 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 111.26 करोड़ रुपये हो गया। अगस्त में InstaAstro ने 1.2 करोड़ डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये की सीरीज ए फंडिंग जुटाई। इस निवेश का नेतृत्व Singularity AMC और Artha Venture Fund ने किया। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं, अलग-अलग भाषाओं में अपनी सेवाएं बढ़ाने, पूजा सेवाओं और आध्यात्मिक कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए करेगी। कंपनी की कमाई में अंतरराष्ट्रीय बाजार की भी अहम भूमिका है। रिपोर्ट के मुताबिक, InstaAstro के कुल राजस्व में करीब 25 फीसदी हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है।

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सिर्फ दो कंपनियां ही नहीं, पूरा बाजार बढ़ रहा

ऑनलाइन ज्योतिष का कारोबार केवल Astrotalk और InstaAstro तक सीमित नहीं है। Tracxn के आंकड़ों के अनुसार, Astroyogi ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 96.3 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 13 फीसदी अधिक था। वहीं AstroSage का राजस्व करीब 84 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी लोगों की ज्योतिष और आध्यात्मिक सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच लगातार बढ़ रही है और कंपनियां भी इस बदलती आदत का फायदा उठा रही हैं।

निवेशकों की भी बढ़ी दिलचस्पी

ज्योतिष के इस बढ़ते डिजिटल बाजार ने निवेशकों का ध्यान भी खींचा है। Astrotalk को Elev8 Venture Partners और Left Lane Capital जैसे निवेशकों का समर्थन मिला है। कंपनी अब तक करीब 3.4 करोड़ डॉलर की बाहरी फंडिंग जुटा चुकी है। इसमें Left Lane Capital से करीब 2 करोड़ डॉलर और Elev8 से 1.4 करोड़ डॉलर का निवेश शामिल है। Elev8 ने एक निवेश नोट में Redseer की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत का ज्योतिष बाजार करीब 12.5 अरब डॉलर का हो चुका है और लगभग 10 फीसदी की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। वहीं, वैश्विक ज्योतिष बाजार का आकार करीब 40 अरब डॉलर बताया गया है। निवेशकों का मानना है कि भारत में ज्योतिष की परंपरा पहले से काफी मजबूत है। अब इसका एक हिस्सा तेजी से ऑनलाइन आ रहा है। ऐसे में स्मार्टफोन के जरिए ज्योतिष सेवाएं लेने वाले लोगों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है।

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2026 में 8 करोड़ से ज्यादा लोग कर रहे इस्तेमाल

Sensor Tower की सितंबर 2026 की भारत रिपोर्ट के अनुसार, धर्म, आध्यात्मिकता और ज्योतिष से जुड़े ऐप्स के मासिक सक्रिय यूजर्स की संख्या 2023 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है। 2026 में ऐसे ऐप्स के मासिक सक्रिय यूजर्स करीब 8 करोड़ तक पहुंच गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आध्यात्मिकता और ज्योतिष से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं अब लोगों की रोजमर्रा की डिजिटल आदतों का हिस्सा बनती जा रही हैं।

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Astrotalk अब सिर्फ ज्योतिष सलाह तक सीमित नहीं

Astrotalk ने भी समय के साथ अपने कारोबार का दायरा बढ़ाया है। कंपनी ने नवंबर 2024 में ई-कॉमर्स कारोबार शुरू किया था। इसके लिए शुरुआत में करीब 30 लाख रुपये का निवेश किया गया था। Elev8 के अनुसार, इस कारोबार ने 2025 में 140 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व कमाया। अब कंपनी सालाना करीब 16 लाख ऑर्डर तक पहुंच चुकी है। प्लेटफॉर्म पर रुद्राक्ष, क्रिस्टल ज्वेलरी, राशि के अनुसार ब्रेसलेट, वास्तु से जुड़े उत्पाद और दूसरे आध्यात्मिक सामान बेचे जाते हैं। कंपनी ने रत्नों के लिए भी अलग प्लेटफॉर्म शुरू किया है।

बार-बार लौटकर आ रहे ग्राहक

इस पूरे कारोबार में सिर्फ नए ग्राहक जोड़ना ही कंपनियों की कमाई का आधार नहीं है। पुराने ग्राहक भी बार-बार इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। Astrotalk ने वित्त वर्ष 2024-25 में अपनी वृद्धि के पीछे यूजर्स की बढ़ती सक्रियता और दोबारा सेवाएं लेने की प्रवृत्ति को भी एक अहम कारण बताया है। यानी ज्योतिष का कारोबार अब सिर्फ एक बार सलाह लेने तक सीमित नहीं रहा। कुंडली, भविष्यफल और व्यक्तिगत सलाह से लेकर पूजा, रत्न, रुद्राक्ष और वास्तु उत्पादों तक एक पूरा डिजिटल बाजार तैयार हो चुका है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आध्यात्मिक सेवाओं के जुड़ने से यह कारोबार और बड़ा होने की उम्मीद है।
 
 

 


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Content Editor

Priya Yadav

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