शराब जितनी कम, उतना बेहतर: ड्रिंक नहीं रोज जहर पी रहे हैं आप, शरीर का कर देती है ये हाल
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 11:11 AM (IST)
नारी डेस्क: शराब (Alcohol) का सेवन आजकल सोशल लाइफ का हिस्सा बन चुका है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह हमारी सेहत और उम्र (longevity) पर गहरा असर डालता है। अगर आप भी ये सोचते हैं कि सीमित मात्रा में शराब पीने वाले लोग ज़्यादा अमीर, ज़्यादा सामाजिक और ज़्यादा सेहत के प्रति जागरूक होते हैं तो डॉक्टरों के अनुसार आप गलत हैं। आइए समझते हैं कि शराब शरीर को नुकसान के अलावा कुछ नहीं देती है।

शराब शरीर का कर देती है ये हाल
लिवर (Liver) को नुकसान: शराब का सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है। लगातार पीने से फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
दिल की सेहत पर असर: कुछ लोग मानते हैं कि थोड़ी शराब दिल के लिए ठीक है, लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि ज्यादा या नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ता हैऔर हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
दिमाग और नींद पर असर: शराब दिमाग को स्लो कर देती है। इससे याददाश्त कमजोर हो सकती है, नींद की क्वालिटी खराब होती है
वजन बढ़ना और मेटाबॉलिज्म खराब होना: शराब में कैलोरी ज्यादा होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और शरीर का फैट बर्निंग सिस्टम धीमा हो जाता है।
कैंसर का खतरा: डॉक्टर्स के अनुसार, शराब का सेवन माउथ, लिवर और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

क्या थोड़ी शराब सुरक्षित है?
नई रिसर्च के अनुसार कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जाती। हालांकि, अगर कोई पीता है तो “मॉडरेशन” (सीमित मात्रा) बहुत जरूरी है। अगर आप शराब छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो हफ्ते में 1–2 बार से ज्यादा न पिएं, एक बार में 1–2 ड्रिंक से ज्यादा न लें। खाली पेट शराब पीना जहर है। खाना खाने के बाद या साथ में पीने से शराब का असर थोड़ा कम होता है। इसके साथ- साथ हेल्दी लाइफस्टाइल रखें, नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और अच्छी नींद, ये सब शराब के नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।
यह लोग बिल्कुल ना पिए शराब
गर्भवती महिलाएं, लिवर या दिल के मरीज, जो लोग दवाइयां ले रहे हैं, मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोग गलती से भी शराब का सेवन ना करें। डॉक्टरों का साफ कहना है कि शराब जितनी कम, उतना बेहतर। अगर आप लंबी और स्वस्थ जिंदगी चाहते हैं, तो शराब से दूरी बनाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। याद रखें मज़ा कुछ पल का होता है, लेकिन असर लंबे समय तक रहता है।

