"10 रुपये दो नहीं तो हाथ काट लो..." गेमिंग के चक्कर में स्कूल के 40 छात्रों ने खुद पर मारे ब्लेड
punjabkesari.in Thursday, Mar 27, 2025 - 03:55 PM (IST)

नारी डेस्क: यह हम सभी जानते हैं कि ऑनलाइन गेमिंग हमारे लिए ठीक नहीं है, यह धीरे- धीरे दिमाग को अपने वश में कर लेकती है इस सब के बावजूद भी लोगों में ऑनलाइन गेमिंग का क्रेज बढ़ता ही जा रही है। हाल ही में गेम के चक्कर में कम से कम 40 छात्रों ने खुद पर ब्लेड से वार कर दिया। हैरानी की बात तो यह है कि स्कूल में इतना सब कुछ हो गया और वहां के प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
गुजरात के एक प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब कक्षा 5 से 7 तक के करीब 40 छात्रों ने एक 'डेयर गेम' के तहत पेंसिल शार्पनर के ब्लेड से कथित तौर पर खुद को घायल कर लिया। पुलिस के मुताबिक अमरेली जिले के बागसरा में मोटा मुंजियासर प्राथमिक विद्यालय के छात्र Truth and Dare खेलते थे जहां एक दूसरे को चुनौती दी कि या तो वे खुद को चोट पहुंचायें या ऐसा न करने पर 10 रुपये का भुगतान करें। करीब 40 छात्रों ने अपने हाथों पर ब्लेड से वार किया।
बच्चों की यह हालत देख पेरेंट्स डर गए और उन्होंने स्कूल में पहुंचकर खूब हल्ला किया। नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन जवाब न मिलने पर उन्होंने ग्राम पंचायत में शिकायत दर्ज की और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। जांच में पता चला कि स्कूल प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने पर बच्चों को घर पर कुछ न बताने की सख्त हिदायत दी थी। उन्हें कहा गया कि अगर कोई हाथ के निशानों के बारे में पूछे, तो कह दें कि खेलते समय गिरने से चोट लगी।
इसके बाद तत्काल अभिभावक-शिक्षकों की बैठक बुलाई ग। पुलिस के एक दल ने स्कूल का दौरा किया और अभिभावकों के बयान दर्ज किए। स्कूल में लगभग 300 छात्र हैं, इसलिए अधिकारी अब छात्रों के कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सुनिश्चित करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि'' छात्रों की काउंसलिंग करायी जाएगी। हम घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को समझने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों के साथ चर्चा करेंगे। छात्रों को (खुद को चोट पहुंचाने के लिए) प्रेरित करने वाले स्रोत या कारक को समझना महत्वपूर्ण है। हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि वे ऐसा करने के लिए कैसे प्रेरित हुए।''