30 के बाद ये Foods जरूर खाएं, नहीं खानी पड़ेगी Calcium की गोलियां

punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 09:02 PM (IST)

नारी डेस्कः कैल्शियम एक जरूरी मिनरल है जो शरीर की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। हमारे शरीर का लगभग 99% कैल्शियम हड्डियों में जमा रहता है। 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव शुरू होने लगते हैं, जिससे बोन डेंसिटी कम हो सकती है। अगर सही मात्रा में कैल्शियम न मिले तो ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों का दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

कैल्शियम रोज कितनी मात्रा जरूरी है?

19–50 वर्ष की महिलाओं को: लगभग 1000 मि.ग्रा. प्रतिदिन
50 वर्ष के बाद: लगभग 1200 मि.ग्रा. प्रतिदिन
यह मात्रा दूध, दही, पनीर, तिल, सोयाबीन और हरी सब्जियों से आसानी से पूरी की जा सकती है।

कैल्शियम की कमी के लक्षण

कैल्शियम की कमी धीरे-धीरे असर दिखाती है। मुख्य लक्षण हैं:
बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन
हड्डियों और कमर में दर्द
नाखूनों का कमजोर होना
थकान और कमजोरी
लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियां पतली और कमजोर हो सकती हैं।

सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, विटामिन D भी जरूरी

अगर शरीर में विटामिन D की कमी है तो कैल्शियम सही तरीके से अवशोषित (Absorb) नहीं हो पाता। इसलिए रोज 15–20 मिनट धूप में बैठना और विटामिन D युक्त आहार लेना जरूरी है।खास सलाह 30+ महिलाओं के लिए रोजाना वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें।
जंक फूड और अधिक नमक से बचें।
डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट न लें।
मेनोपॉज़ के बाद नियमित बोन चेकअप करवाएं।
संतुलित आहार और सही जीवनशैली अपनाकर आप बढ़ती उम्र में भी अपनी हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रख सकती हैं।
PunjabKesari

कैल्शियम के लिए कौन से आहार खाएं, 30 प्लस होने वाली महिलाएं

दूध और डेयरी उत्पाद: कैल्शियम का मुख्य स्रोत

30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में हड्डियों की घनत्व (Bone Density) धीरे-धीरे कम होने लगती है। ऐसे में रोज़ाना दूध, दही, पनीर और सीमित मात्रा में चीज़ का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। एक गिलास दूध में लगभग 250-300 मि.ग्रा. कैल्शियम होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। यदि आपको लैक्टोज से समस्या है, तो आप लैक्टोज-फ्री दूध या दही का विकल्प चुन सकती हैं।
PunjabKesari

हरी पत्तेदार सब्जियां: प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प

पालक, मेथी, बथुआ और सहजन (मोरिंगा) की पत्तियां कैल्शियम से भरपूर होती हैं। ये सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि खून की कमी, हार्मोन संतुलन और त्वचा के लिए भी लाभकारी हैं। 30 प्लस महिलाओं को सप्ताह में कम से कम 3-4 बार हरी सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए। इन्हें सूप, सब्जी या पराठे के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।
PunjabKesari

बीज और मेवे: छोटे दाने, बड़ा फायदा

तिल, बादाम, चिया सीड्स और अलसी के बीज कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। खासकर सफेद तिल में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। रोज़ सुबह एक चम्मच तिल या 5-6 भिगोए हुए बादाम खाने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और जोड़ों के दर्द की समस्या कम होती है। ये मेवे हार्मोनल बदलाव के दौरान शरीर को पोषण देने में भी सहायक होते हैं।
PunjabKesari

अन्य जरूरी स्रोत: दालें और फोर्टिफाइड फूड

सोयाबीन, राजमा, चना और टोफू जैसे खाद्य पदार्थ भी कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इसके अलावा आजकल बाजार में कैल्शियम से फोर्टिफाइड अनाज और जूस भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह से शामिल कर सकती हैं। यदि शरीर में गंभीर कमी हो, तो केवल आहार नहीं बल्कि सप्लीमेंट की भी जरूरत पड़ सकती है।

कितनी मात्रा जरूरी है?

30 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 1000 मि.ग्रा. कैल्शियम की आवश्यकता होती है, जो मेनोपॉज़ के बाद बढ़कर 1200 मि.ग्रा. तक हो सकती है। संतुलित आहार, नियमित धूप (विटामिन D के लिए) और हल्की एक्सरसाइज के साथ कैल्शियम का सही सेवन आपकी हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vandana

Related News

static