Telecommunication Day: भारत में कैसे हुई मोबाइल की शुरूआत? एक प्रेमिका की वजह से शुरू हुआ ''Hello''

5/17/2021 5:21:27 PM

आज दुनियाभर में विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस (World Telecommunication and Information Society Day) मनाया जा रहा है, जिसका मकसद इंफोर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को हाईलाइट करना है। इस साल की थीम 'चुनौतीपूर्ण समय में डिजिटलट्रांसफोर्मेशन को तेज करना' है। आज हम आफको बताएंगे कि इस दिन की शुरूआत कैसे की गई और क्यों?

वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डे 2021 की थीम

कोरोना महामारी के चलते ज्यादातर कंपनीज काम के लिए ICT पर निर्भर है। वास्तव में कोरोना वायरस महामारी ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहले से कहीं अधिक उजागर किया है। चूंकि कोरोना के कारण लोग घर पर रहने को मजबूर हैं, जिसके कारण डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ गया है।

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वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डे इतिहास और महत्व

पहली बार 1969 में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डे मनाया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2005, 17 मई को वर्ल्ड इंफोर्मेशन सोसाइटी डे घोषित कर दिया। फिर 2006 में तुर्की ने वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड सोसाइटी डे (WTISD) को कंबाइड रूप में मनाने का फैसला किया।

इंटरनेट से जागरूकता बढ़ाना लक्ष्य

इस दिन को मनाने का उद्देश्य इंटरनेट के जरिए पॉजिटिव कम्युनिकेशन और जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही दूरदराज व ग्रामीण जगहों पर इंफोर्मेशन और कम्युनिकेशन एक्सेस को आसान बनाना भी इसका मकसद है।

भारत में कब हुई मोबाइल फोन की शुरूआत

भारत में 26 साल पहले 31 जुलाई, 1995 को मोबाइल फोन कॉल की शुरूआत हुई थी। उस समय तत्‍कालीन केंद्रीय मंत्री सुखराम और पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री ज्‍योति बसु ने पहली बार मोबाइल के जरिए बात की थी, जिसकी कीमत 16 रु प्रति मिनट की दर थी।

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किसने शुरू किया मोबाइल पर Hello बोलने का ट्रेंड

यह तो सभी जानते होंगे कि 2 जून, 1875 में एलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल (Alexander Graham Bell) ने टेलीफोन का अविष्‍कार किया था। मगर, क्या आप जानते हैं कि मोबाइल पर "हैलो" बोलने की शुरूआत कैसे हुई? दरअशल, बेल की गर्लफ्रेंड का नाम मारग्रेट हेलो था इसलिए वो फोन पर बात शुरू करने से पहले हर बार हेलो कहते थे, जिसके बाद मोबाइल पर Hello का ट्रेंड शुरू हो गया। हालांकि इस कहानी का कोई साक्ष्‍य नहीं है। वहीं, अमेरिकन टेलीग्राफ एंड टेलीफोन कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक, ग्राहम बेल ने कभी भी हेलो शब्द यूज नहीं किया। बेल टेलीफोन पर बात करते समय अहो (Ahoy), 'Are you there या are you ready to talk' जैसे शब्द इस्तेमाल करते थे। दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिकी वैज्ञानिक थॉमस एडिसन (Thomas Alva Edison) को इतने लंबे शब्द पसंद नहीं थे। एक बार उन्होंने फओन पर गलती से Hello बोल दिया, जिसके बाद ये शब्‍द चलन में आ गया।


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Content Writer

Anjali Rajput

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