चलना-फिरना भी मुश्किल, Wheel Chair पर बैठी नजर आई Alka Yagnik, अपनी आवाज सुनने को तरसी
punjabkesari.in Thursday, Jun 25, 2026 - 09:18 PM (IST)
नारी डेस्कः हजारों गाने और सालों का इंतजार के बाद , अब सूरों की मल्लिका अल्का याज्ञनिक को पद्म भूषण सम्मान दिया गया है। ये सम्मान पाने के लिए अल्का ने सालों कड़ी मेहनत की है तब जाकर उन्हें ये पहचान मिली है हालांकि पिछले काफी समय से वह हैल्थ से जुड़ी परेशानियों में फंसी है एक दुर्लभ बीमारी के चलते पिछले करीब दो साल से वह सुन नहीं पा रही हैं। उन्हें अवार्ड इवेंट में भी बड़ी मुश्किल से चलते और व्हीलचेयर पर बैठे देखा गया। इसी बीमारी के चलते वह लाइमलाइट की दुनिया से दूर ही हैं।
प्रोफेशनल लाइफ ने दूर कर दिए परिवार वाले
आपको बता दें कि प्रोफेशनल लाइफ में अल्का ने बहुत नाम पैसा कमाया लेकिन इस शोहरत ने उन्हें परिवार से दूर कर दिया था। चलिए उनकी लाइफस्टोरी आपको बताते हैं। अल्का गुजारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं लेकिन उनका जन्म पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ और पढ़ाई भी वही हुई। 6 साल की थी जब अल्का को ऑल इंडिया रेडियो में गाने का मौका मिला था और यह सुरीली गायिकी उन्हें अपनी मां से मिली थी क्योंकि उनकी मां शोभा याज्ञनिक भी भारतीय क्लासिकल सिंगर थीं।
जब अल्का 10 साल की हुईं तब वह अपनी मां के साथ मुंबई आ गई। मुंबई आकर उनकी मां ने राजकपूर को एक खत लिखा था। उस खत के बाद जब राजकपूर ने अल्का की आवाज सुनी तो वह काफी प्रभावित हुए और उन्होंने ही प्यारे लाल से अल्का के लिए बात की।साल 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ के लिए उन्हें गाने का मौका मिला. उनका गाना ‘एक दो तीन’ इतना सुपरहिट हुआ और वह रातों-रात स्टार बन गईं। बस उसके बाद उन्हें बॉलीवुड के कई बड़े प्रोजेक्ट मिल गए।

बिजनेसमैन पति नीरज कपूर से की शादी, पर उम्र भर रहे अलग-अलग
अलका ज़्यादातर बॉलीवुड की फिल्मों के लिए ही गाती हैं। कहा जाता है कि वो अब तक करीब 700 फिल्मों के लिए करीब 20 हजार से ज्यादा गीत गा चुकी है लेकिन उनकी इस सक्सेस का असर पर्सनल लाइफ पर पड़ा और पूरी लाइफ वह अपने पति से दूर रही। अल्का के पति एक बिजनेसमैन हैं।
अल्का याज्ञनिक और उनके बिजनेसमैन पति नीरज कपूर दोनों की पहली मुलाकात एक स्टेशन पर हुई थी। नीरज, शिलांग के मशहूर बिजनेसमैन थे और अल्का की मां के दोस्त के भतीजे थे और दोनों मां-बेटी को स्टेशन पर रिसीव करने आए थे। जब भी अल्का मुंबई आती तो नीरज ही उन्हें रिसीव करने आते। धीरे-धीरे दोस्ती हुई और दोस्ती से उनका रिश्ता प्यार में बदल गया। 1988 में जब अल्का का गाना एक-दो-तीन आया और अल्का एकदम स्टार बन गई तो दोनों ने डिसाइड किया कि अब वो अपने रिश्तेदारों को अपने रिश्ते के बारे में बताएंगे और दोनों ने ऐसा किया भी लेकिन परिवार को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था।
इस रिश्ते को मंजूरी ना देने की वजह दोनों का अलग अलग प्रोफेशन से होना था। परिवार का कहना था कि दोनों का प्रोफेशन अलग है और दोनों अलग अलग जगह से भी हैं इसलिए वह एक साथ सरवाइव नहीं कर पाएंगे। ऐसे में किसी एक को अपना करियर छोड़ना पड़ेगा लेकिन दोनों ने अपने परिवार को शादी के लिए मना लिया और साल 1989 में शादी कर ली। उसी साल अल्का ने एक बेटी को जन्म दिया। जिसका नाम सायशा रखा गया। अल्का की बेटी शुरू से ही मां के साथ ही मुंबई में ही रही लेकिन पिता से दूर रही। वजह कोई लड़ाई नहीं बल्कि दोनों का अपने अपने काम में बिजी रहना रहा।
अल्का याज्ञनिक ने अपने प्रोफेशन के चलते, परिवार से अलग रहकर सारी उम्र अकेले ही काट दी। करीब 2 साल पहले अलका याग्निक को रेयर 'सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस' नाम की बीमारी हो गई थीं। इसे बहरापन भी कह सकते हैं। ये एक वायरल अटैक की वजह से हुआ था हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि अब इस बीमारी से ठीक हो रही हैं और फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' में उन्होंने 'नरम कालजा' में अपनी आवाज दी थी। खबरों की मानें तो वह हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली पांचवी प्लेबैक सिंगर है और उन्हें 7 बार फिल्मफेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड और 2 बार नेशनल अवार्ड भी मिल चुके हैं और अब उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया है।

