PIND DAAN

गया जी में ही क्यों होता है पिंडदान! गयासुर से जुड़ा है विष्णुपद मंदिर का ये रहस्य

PIND DAAN

देवता और पितर दोनों को प्रिय हैं तिल,  इसके बिना पितृ कर्म माना जाता है अधूरा