तीन साल की बेटी को छोड़कर कनाडा जाने पर इस मां ने सुने बहुत ताने, अब बताई अपनी मजबूरी

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 04:03 PM (IST)

नारी डेस्क: कुछ दिन पहले मानसा बनोथ नाम की यूजर ने सोशल मीडिया पर एक  वीडियो शेयर किया था जिसमें वह एयरपोर्ट पर अपनी तीन साल की बेटी को रोते हुए अलविदा कह रही थीं। मानसा कनाडा जा रही थीं और अपनी छोटी बेटी को हैदराबाद में अपने माता-पिता की देखभाल में छोड़ रही थीं। एक सिंगल मां होने के नाते, उनके पास ज़्यादा विकल्प नहीं थे। अपनी इतनी छोटी बेटी को छोड़ने के चलते उन्हें ट्रोलिंग झेलनी पड़ी।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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26 जनवरी को शेयर किए गए इस दिल दहला देने वाले वीडियो में दिखाया गया है कि जब मानसा अपनी बेटी के बिना एयरपोर्ट में दाखिल हुई, तो उसकी बेटी रो रही थी। हैदराबाद की इस महिला ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा-"23 किलो अलाउड था... इसलिए मैंने अपने दिल का सबसे भारी टुकड़ा पीछे छोड़ दिया।" यह वीडियो इंस्टाग्राम पर 2.8 मिलियन व्यूज़ के साथ वायरल हो गया। इस वीडियो के बाद मानसा तुरंत लोगों के गुस्से का शिकार हो गईं, क्योंकि दर्जनों कमेंट करने वालों ने उनके छोटे बच्चे को भारत में छोड़कर अकेले कनाडा जाने के लिए उनकी आलोचना की।


मानसा के वीडियो के नीचे एक कमेंट में लिखा था- "क्या कोई काम या नौकरी इतनी ज़रूरी है कि आप अपने छोटे बच्चों को दूसरे देश में सिर्फ़ कहीं और काम करने के लिए छोड़ दें? प्लीज़ मुझे यह मत कहना कि यह 'ड्रीम करियर' है।" दूसरे ने कहा- "तो उसे अपने साथ क्यों नहीं ले गईं? सिंगल मदर होना सिर्फ़ एक बहाना है। मैं भी एक सिंगल मदर हूं  लेकिन मेरी बेटी हमेशा मेरे साथ रहती है।" मनसा ने HT.com को बताया कि कनाडा में पढ़ाई करने की वजह से उन्हें अपनी 3 साल की बेटी को भारत में छोड़ना पड़ा है। 28 साल की मनसा कनाडा की डलहौजी यूनिवर्सिटी से इंटरनेटवर्किंग में मास्टर डिग्री कर रही हैं।


कनाडा में रहने वाली इस स्टूडेंट ने बताया कि अपनी छोटी सी शादीशुदा ज़िंदगी में उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। मार्च 2022 में बेटी के जन्म के बाद उनके पति ने उनसे सारे कॉन्टैक्ट खत्म कर दिए। मनसा ने बताया कि शादी टूटने के बाद वह अपने पति की मदद के बिना अपनी बेटी की देखभाल कर रही थीं। हैदराबाद में रहने वाले उनके माता-पिता ने तब उनका साथ दिया जब वह उनके साथ रहने वापस आईं। अपनी बेटी को सपोर्ट करने के लिए, मानसा ने सबसे पहले भारत में नौकरी ढूंढी। बहुत संघर्ष के बाद, उन्हें एक HR प्रोफेशनल के तौर पर ₹40,000 प्रति महीने की सैलरी वाली नौकरी मिली। उन्होंने कहा, “मैं नाइट शिफ्ट में काम करती थी। मेरी इन-हैंड सैलरी लगभग ₹35,000 प्रति महीने थी। यह मेरे और मेरी बेटी का खर्च चलाने के लिए मुश्किल से ही काफी थी।” मानसा ने बताया कि उनकी बेटी को पासपोर्ट बनवाने के लिए उनके पति की सहमति ज़रूरी है। उनका तलाक़ का केस भी चल रहा है।


मनसा ने कहा- "मेरी बेटी तीन साल की है। मेरे पूर्व पति किसी भी बात का जवाब नहीं देते, और मैं यह लड़ाई अकेले लड़ रही हूं। वे मेरी बेटी को पासपोर्ट बनवाने से रोक रहे हैं, इसलिए मैं इस मामले को कानूनी तौर पर आगे बढ़ा रही हूं। मैंने केस फाइल किया है, और मेरे वकील मेरी तरफ से पेश हो रहे हैं। अभी हम अपनी बेटी का पासपोर्ट अलग से बनवाने की कोशिश कर रहे हैं, इसे कस्टडी या तलाक़ की कार्यवाही से नहीं जोड़ रहे हैं, क्योंकि मैं उनके साथ नहीं रह रही थी।"


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Content Writer

vasudha

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