कोबरा सांपों को बेड में छिपाकर रखता था सपेरा, वन्यजीव विभाग ने किया गिरफ्तार

punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 10:31 AM (IST)

नारी डेस्क:  सांपों की तस्करी और उन्हें कैद करके रखना सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के साथ होने वाला अन्याय भी है। सांपों को खुले और प्राकृतिक वातावरण में रहने का अधिकार है, उन्हें पकड़कर किसी कमरे, डिब्बे या बेड के अंदर छिपाकर रखना उनकी आजादी छीनने जैसा है। फरीदाबाद में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां वन्यजीव विभाग की टीम ने एक सपेरे को गिरफ्तार कर उसके घर से सात कोबरा समेत आठ सांपों को रेस्क्यू किया। आरोप है कि इन सांपों को अवैध तरीके से पकड़कर रखा गया था और उन्हें बेचकर कमाई की जाती थी।

गुप्त सूचना पर घर पहुंची टीम

वन्यजीव विभाग को सूचना मिली थी कि पल्ला इलाके में रहने वाला बंसी नाथ अलग-अलग प्रजातियों के सांप पकड़कर अपने पास रखता है और उनके जरिए कथित तौर पर अवैध कारोबार करता है। यह भी जानकारी मिली थी कि कई लोग सांपों को खरीदने के लिए उसके संपर्क में आते हैं। सूचना मिलने के बाद वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार अपनी टीम के साथ आरोपी के घर पहुंचे। वहां तलाशी लेने पर टीम को सात इंडियन कोबरा और एक रैट स्नेक मिला। सांपों को देखकर टीम ने उन्हें सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया।

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दूसरे राज्यों में सांप दिखाने वालों को बेचने का आरोप

जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर सांप पकड़कर ऐसे लोगों को बेचता था, जो अलग-अलग जिलों और राज्यों में सांपों का तमाशा दिखाकर या उन्हें लोगों के सामने पेश कर पैसे मांगते हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक सांप को करीब 15 हजार रुपये तक में बेचता था। हालांकि, वन्यजीव विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि वह किन लोगों को सांप बेचता था और इस काम से उसका नेटवर्क कितना बड़ा है।

सांप पकड़ने के भी लेता था पैसे

बताया गया है कि बंसी नाथ खुद भी सांप पकड़ने के लिए लोगों के घरों और जंगल के आसपास जाता था। अगर किसी घर में सांप निकलता था तो लोग उसे पकड़ने के लिए बुलाते थे। इसके बदले वह करीब दो से तीन हजार रुपये तक लेता था। आरोप है कि सांप पकड़ने के बाद वह उन्हें अपने पास रख लेता था और बाद में दूसरे लोगों को बेच देता था। वन्यजीव विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि आरोपी कितने समय से इस तरह सांपों को पकड़कर अपने पास रख रहा था।

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घर से नहीं मिला सांप का जहर

तलाशी के दौरान टीम को आरोपी के घर से सांप का जहर नहीं मिला है। हालांकि, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर वन्यजीव विभाग इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अगर आरोपी सांपों का कारोबार करता था, तो वह उनके जहर का क्या करता था या उसे कहां इस्तेमाल किया जाता था। फिलहाल विभाग को घर से जहर मिलने की कोई जानकारी नहीं मिली है। मामले की जांच जारी है और आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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नाग पंचमी पर कमाई की थी तैयारी

वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी नाग पंचमी के मौके पर सांपों का इस्तेमाल कर पैसे कमाने की तैयारी में था। हालांकि, इस संबंध में विभाग आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट करेगा। वन्यजीव विभाग का कहना है कि सांपों को पकड़कर रखना और उनका प्रदर्शन या कारोबार करना कानून के दायरे में गंभीर मामला हो सकता है। इसी वजह से बरामद सांपों को आरोपी से अलग कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

नशे के लिए सांपों के इस्तेमाल की भी चर्चा

सांपों के जरिए नशा कराने के मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव का नाम भी सांप के जहर से जुड़े एक चर्चित मामले में सामने आया था। रेव पार्टियों में स्नेक बाइट के जरिए नशा कराने के आरोपों को लेकर भी समय-समय पर मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में आरोपी के पास से सांप का जहर बरामद नहीं हुआ है और जांच टीम अभी यह पता लगाने में जुटी है कि वह सांपों को किन लोगों को और किस उद्देश्य से बेचता था।

जहर से बनी दवा के नाम पर भी ठगी

वन्यजीव विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जानकारी के अभाव में कई लोग सांप के जहर से बनी दवा के नाम पर भी ठगी का शिकार हो जाते हैं। कुछ मामलों में सपेरों द्वारा सांप के जहर से बनी कथित दवाओं या 'ममीरा' जैसी चीजों के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाने की बात सामने आती रही है। अधिकारियों ने लोगों से ऐसे दावों के झांसे में न आने की अपील की है। किसी भी बीमारी या आंखों से जुड़ी समस्या के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के इस तरह की कथित दवाओं का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है।

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आठों सांपों को जंगल में छोड़ा गया

वन्यजीव विभाग की टीम ने आरोपी के घर से बरामद सात इंडियन कोबरा और एक रैट स्नेक को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया। देर शाम सभी सांपों को जंगल में छोड़ दिया गया। अब जांच टीम आरोपी से जुड़े लोगों और उसके कथित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह कब से सांपों को पकड़ने और बेचने का काम कर रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।  

 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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