गलती से भी इस अंगुली में न पहनें शनि का छल्ला, बनते काम भी बिगड़ सकते हैं
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 11:58 AM (IST)
नारी डेस्क : ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना गया है। मान्यता है कि जब कुंडली में शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव होता है, तो ज्योतिषी कई बार शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए लोहे का शनि छल्ला धारण करने की सलाह देते हैं। हालांकि, इसे सही विधि और सही अंगुली में पहनना बेहद जरूरी माना जाता है। यदि शनि का छल्ला गलत अंगुली में पहन लिया जाए, तो मान्यताओं के अनुसार लाभ मिलने की बजाय परेशानियां बढ़ सकती हैं और बनते हुए काम भी प्रभावित हो सकते हैं।
शनि का छल्ला कैसे बनाया जाता है?
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शनि का छल्ला लोहे से बनाया जाता है। कई ज्योतिषाचार्य नाव की कील से बने लोहे के छल्ले को अधिक प्रभावी मानते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लोहा शनिदेव की प्रिय धातु माना जाता है। हालांकि, किस प्रकार का छल्ला पहनना उचित रहेगा, यह व्यक्ति की कुंडली और ज्योतिषीय सलाह पर भी निर्भर करता है।

शनि का छल्ला कब पहनना चाहिए?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि का छल्ला शनिवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। कई लोग इसे शनि पूजा या शनि मंत्र के जाप के बाद पहनते हैं, ताकि इसका सकारात्मक प्रभाव प्राप्त हो सके।
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शनि का छल्ला किस अंगुली में पहनना चाहिए?
मान्यता के अनुसार शनि का छल्ला हमेशा मध्यमा अंगुली (Middle Finger) में ही पहनना चाहिए। मध्यमा अंगुली को शनि की अंगुली माना जाता है। इसे सामान्यतः दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सही अंगुली में शनि का छल्ला पहनने से शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है।

भूलकर भी अनामिका अंगुली में न पहनें शनि का छल्ला
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि का छल्ला अनामिका (रिंग फिंगर) में नहीं पहनना चाहिए। अनामिका अंगुली का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है, जबकि शनि और सूर्य के बीच विरोध का भाव बताया जाता है। ऐसे में मान्यता है कि यदि शनि का छल्ला सूर्य की अंगुली में पहना जाए, तो इससे ग्रहों के विपरीत प्रभाव बढ़ सकते हैं। मान्यताओं के अनुसार इसका असर व्यक्ति के करियर, पारिवारिक जीवन और विशेष रूप से पिता के साथ संबंधों पर पड़ सकता है। साथ ही, बनते हुए कार्यों में बाधाएं आने और मानसिक तनाव बढ़ने की भी संभावना मानी जाती है।
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शनि का छल्ला पहनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
शनि का छल्ला हमेशा किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के बाद ही धारण करें।
इसे शनिवार के दिन शुभ मुहूर्त में पहनना बेहतर माना जाता है।
छल्ला केवल मध्यमा अंगुली में ही पहनें।
यदि छल्ला पहनने के बाद किसी प्रकार की परेशानी महसूस हो, तो विशेषज्ञ से सलाह लें।


