Periods के बाद हो रहा है सफेद डिस्चार्ज तो बंद करने के लिए अपनाए ये आयुर्वेदिक नुस्खे

punjabkesari.in Sunday, Aug 31, 2025 - 05:33 PM (IST)

नारी डेस्क : महिलाओं को अक्सर पीरियड्स के बाद सफेद पानी या व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह एक आम स्थिति है, लेकिन कई बार यह किसी छुपी हुई समस्या या संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि पीरियड्स के बाद सफेद पानी क्यों आता है, कब यह समस्या गम्भीर हो सकती है और आयुर्वेद में इसके लिए क्या उपचार बताए गए हैं।

पीरियड्स के बाद सफेद पानी क्यों आता है?

सामान्य कारण

पीरियड्स खत्म होने के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों की वजह से कुछ दिनों तक योनि से सफेद पानी निकलना बिल्कुल सामान्य है। यह शरीर का प्राकृतिक तरीका है योनि को साफ रखने और उसमें नमी बनाए रखने का। इस स्थिति में चिंता करने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है।

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संक्रमण का संकेत

अगर सफेद पानी के साथ खुजली, जलन, तेज बदबू या पेल्विक एरिया में दर्द जैसी समस्या दिखाई दे, तो यह किसी संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह इंफेक्शन आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। समय रहते डॉक्टर से जांच और उपचार करवाना बहुत जरूरी होता है।

हार्मोनल असंतुलन

कई बार शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी, थायरॉइड की समस्या या पीसीओएस जैसी स्थितियों के कारण भी सफेद डिस्चार्ज सामान्य से अधिक मात्रा में होने लगता है। यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे मामलों में सही जांच और समय पर इलाज करवाना जरूरी होता है।

कब मानी जाती है यह समस्या गम्भीर?

सफेद पानी का आना सामान्य माना जाता है, लेकिन यह स्थिति तब गम्भीर हो जाती है जब इसके साथ तेज बदबू आने लगे, लगातार खुजली और जलन बनी रहे, पेट या कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो, या फिर डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या बहुत गाढ़ा हो जाए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर देर न करते हुए तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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सफेद डिस्चार्ज से बचाव के लिए जरूरी बातें

साफ-सफाई का ध्यान रखें

सफेद डिस्चार्ज की समस्या से बचने के लिए प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए हमेशा साफ पानी का इस्तेमाल करें और यदि जरूरत हो तो डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इंटिमेट वॉश का ही प्रयोग करें। यह क्षेत्र बहुत संवेदनशील होता है, इसलिए किसी भी तरह के कठोर या केमिकल वाले साबुन का उपयोग करने से बचना चाहिए।

कॉटन अंडरगार्मेंट्स पहनें

हमेशा कॉटन से बने अंडरगार्मेंट्स पहनना महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है। कॉटन कपड़े नमी को आसानी से सोख लेते हैं और स्किन को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह न केवल आरामदायक होते हैं बल्कि प्राइवेट पार्ट्स को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं।

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केमिकल वाले प्रॉडक्ट्स से बचें

इंटिमेट हाइजिन बनाए रखने के लिए किसी भी तरह के तेज खुशबू वाले साबुन, डियो या स्प्रे का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसे प्रॉडक्ट्स प्राइवेट पार्ट्स की नाज़ुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इसके नेचुरल पीएच बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं। जब पीएच असंतुलित हो जाता है तो इंफेक्शन और जलन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए हमेशा केमिकल-फ्री और माइल्ड प्रॉडक्ट्स का ही इस्तेमाल करना सुरक्षित रहता है।

डाइट पर ध्यान दें

सफेद डिस्चार्ज की समस्या से बचने के लिए हेल्दी और पौष्टिक आहार लेना बहुत ज़रूरी है। संतुलित डाइट शरीर को आवश्यक विटामिन और मिनरल्स देती है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम बनता है। हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, सूखे मेवे और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने से महिलाओं को इस समस्या से काफी राहत मिल सकती है।

आयुर्वेद और घरेलू उपाय

आयुर्वेद में सफेद पानी की समस्या को "श्वेत प्रदर" कहा जाता है। इसके लिए कई घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खे बताए गए हैं।

अंजीर का सेवन : सफेद डिस्चार्ज की समस्या से राहत पाने के लिए अंजीर का सेवन एक अच्छा घरेलू उपाय माना जाता है। इसके लिए रात में 4 से 5 अंजीर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट उनका सेवन करें। अंजीर पाचन को दुरुस्त करने के साथ-साथ संक्रमण को कम करने में भी मदद करता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

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आंवला खाएं : महिलाओं के लिए आंवला बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। सफेद डिस्चार्ज की समस्या में आंवले का नियमित सेवन लाभ पहुंचा सकता है। इसे आप आंवले के जूस, मुरब्बा, चटनी या आंवले के पाउडर के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

मेथी के बीज : मेथी के बीज सफेद डिस्चार्ज की समस्या को कम करने में प्रभावी माने जाते हैं। इसके लिए मेथी के दानों को पानी में उबालकर उसका पानी ठंडा कर लें और नियमित रूप से पिएं। यह शरीर को अंदर से शुद्ध करता है और योनि संक्रमण को दूर करने में मदद करता है। साथ ही यह महिला प्रजनन स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है।

नीम का प्रयोग : नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण को दूर करने में बहुत मददगार होते हैं। सफेद डिस्चार्ज की समस्या में नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से प्राइवेट पार्ट की सफाई करना लाभकारी होता है। इससे बैक्टीरिया और फंगस का असर कम होता है और योनि को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है।

पीरियड्स के बाद सफेद पानी आना एक आम और सामान्य स्थिति है। यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया भी हो सकती है, लेकिन अगर इसके साथ खुजली, बदबू या दर्द जैसे लक्षण हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद और घरेलू नुस्खे अपनाकर, सही खानपान और अच्छी हाइजिन से महिलाएं इस समस्या से राहत पा सकती हैं।
 


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Content Writer

Vandana

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