Miss India का ताज छोड़ Kashish Methwani बनीं इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट
punjabkesari.in Saturday, May 02, 2026 - 12:38 PM (IST)
नारी डेस्क: आज के समय में जब 24–25 साल की उम्र में ज्यादातर युवा अपने करियर को लेकर कन्फ्यूजन में होते हैं कि आखिर आगे क्या करना है, उसी दौर में मुंबई की कशिश मेथवानी ने ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान कर दिया। मिस इंडिया का ताज जीतकर ग्लैमर की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा की राह चुनी और एक नई मिसाल कायम की। उनका यह सफर इस बात का सबूत है कि अगर इरादे मजबूत हों तो एक ही जिंदगी में सपनों की कई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। कशिश ने CDS परीक्षा में AIR 2 हासिल कर इतिहास रच दिया और यह साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून के आगे कोई भी मंज़िल मुश्किल नहीं होती। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी हर उस युवा के लिए एक संदेश है जो अपने भविष्य को लेकर उलझन में है कि सही दिशा चुन ली जाए तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है। ये कौन हैं, क्या करती हैं और इनका सफर कैसा रहा आइए आपको बताते हैं सब कुछ हमारे इस आर्टिकल में…
कौन हैं कशिश मेथवानी?
कशिश मेथवानी का जन्म 9 जनवरी 2002 को महाराष्ट्र के उल्हासनगर में एक सिंधी परिवार में हुआ था। पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहीं कशिश ने पुणे के सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के प्रतिष्ठित IISc में न्यूरोसाइंस पर रिसर्च भी की। उनकी शैक्षणिक यात्रा ही बताती है कि वह सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि विज्ञान और शोध में भी उनकी गहरी रुचि रही है।

ग्लैमर की दुनिया में भी बनाई पहचान
कशिश ने अपने सपनों की उड़ान ग्लैमर की दुनिया से शुरू की। साल 2023 में उन्होंने Miss International India का खिताब अपने नाम किया और देश-विदेश में पहचान बनाई। रैंप वॉक और क्राउन की चमक के बीच भी उनके अंदर देश सेवा का सपना जिंदा था, जिसे उन्होंने कभी पीछे नहीं छोड़ा।
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CDS परीक्षा में हासिल की शानदार रैंक
ग्लैमर की दुनिया में नाम कमाने के बाद कशिश ने अपने दूसरे सपने को पूरा करने की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने 2024 में CDS (Combined Defence Services) परीक्षा दी और पूरे भारत में AIR 2 हासिल कर सभी को चौंका दिया। यह उपलब्धि उनके समर्पण और मेहनत का बड़ा उदाहरण है।

भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सफर
CDS परीक्षा पास करने के बाद कशिश ने चेन्नई की Officers Training Academy (OTA) में लगभग 11 महीने की कठिन ट्रेनिंग ली। अनुशासन और मेहनत से भरी इस ट्रेनिंग के बाद 6 सितंबर को पासिंग आउट परेड में उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल किया गया। यह पल उनके और उनके परिवार के लिए बेहद गर्व का रहा। बता दे कि कशिश सिर्फ पढ़ाई और करियर तक ही सीमित नहीं रहीं। कोरोना महामारी के दौरान 2020 में उन्होंने Critical Cause नाम से एक पहल शुरू की, जिसके जरिए उन्होंने प्लाज्मा, ब्लड और ऑर्गन डोनेशन को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने का काम किया। उनकी यह पहल समाज सेवा की दिशा में उनकी सोच को और मजबूत दिखाती है।
एक प्रेरणा बनकर उभरीं कशिश
कशिश मेथवानी की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अक्सर यह सोचकर रुक जाते हैं कि एक समय में सिर्फ एक ही रास्ता चुना जा सकता है। उन्होंने साबित किया है कि अगर जुनून और मेहनत साथ हो, तो ग्लैमर भी हासिल किया जा सकता है और देश सेवा भी। उनकी यह Journey आज कई युवाओं को यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों तो रास्ते खुद बनते हैं।


