मौनी अमावस्या के दिन इस कारण महिलाओं को नहीं धोने चाहिए बाल
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 08:40 AM (IST)
नारी डेस्क: आज देश भर में मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस तिथि को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान-पुण्य करने, भगवान विष्णु और पितरों की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अमावस्या का दिन आध्यात्मिक रूप से बहुत संवेदनशील माना जाता है। धार्मिक मान्यताें के अनुसार इस दिन बाल धोना वर्जित माना जाता है। बाल न धोने के पीछे धार्मिक, आयुर्वेदिक और व्यावहारिक हैं।

धार्मिक मान्यता
अमावस्या को पितरों का दिन माना जाता है। इस दिन तर्पण, पिंडदान और पितृ शांति के कार्य किए जाते हैं। मान्यता है कि बाल धोने या कटवाने से पितृ दोष बढ़ सकता है और पितर नाराज हो सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि किसी भी अमावस्या तिथि को सुहागिन महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए और न ही बालों में तेल लगाना चाहिए।
नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मान्यता
कहा जाता है कि अमावस्या के दिन नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय रहती है। बाल धोने से शरीर की ऊर्जा कमजोर हो सकती है और व्यक्ति जल्दी थकान या मानसिक असंतुलन महसूस कर सकता है।
आयुर्वेदिक कारण
अमावस्या चंद्रमा से जुड़ा दिन है और चंद्रमा का प्रभाव मन व मस्तिष्क पर पड़ता है। बाल धोने से सिर ठंडा हो जाता है, जिससे सर्दी, सिरदर्द, माइग्रेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं, खासकर सर्दियों में।

स्वास्थ्य और परंपरा
पुराने समय में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से स्नान करते थे। अमावस्या के दिन ठंडे पानी से सिर धोना बीमारियों का कारण बन सकता था, इसलिए इसे टालने की परंपरा बनी।
अमावस्या के दिन जरूर करें ये काम
-पितरों का स्मरण करें
-दान-पुण्य करें
- हल्का भोजन लें
- ध्यान और पूजा करें
नोट: यह सभी बातें मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। यदि किसी को स्वास्थ्य या स्वच्छता कारणों से बाल धोना जरूरी हो, तो इसमें कोई पाप नहीं माना जाता।

