पान के अलावा कत्थे के हैं और भी कई फायदे
punjabkesari.in Wednesday, Jan 25, 2017 - 06:23 PM (IST)
कत्थे के फायदे : कत्था, इसका इस्तेमाल ज्यादातर लोग पान बनाने के लिए करते हैं क्योंकि कत्थे के बिना पान का स्वाद अधूरा है। कत्था 'खैर' नामक वृक्ष की भीतरी कठोर लकड़ी से निकाला जाता है। लेकिन क्या आप कत्थे के सेहत से जुड़े फायदों के बारे में जानते हैं। दरअसल, कत्था एक औषधीय गुण है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। जानिए कैसे
1. दांतो के लिए फायदेमंद
अगर आपके दांतों में कीड़े हैं या फिर दांतों से खून निकलता हो तो ऐसे में आप कत्थे का इस्तेमाल कर सकते हैं। कत्थे को मंजन में मिला कर दांतों और म़सूड़ों पर सुबह शाम मंजन की तरह मले। आपके 2-3 बार ऐसा करने पर कीड़े खत्म हो जाएंगे और खून आना भी बंद हो जाएगा। इसके अलावा मुंह की बदबू भी दूर हो जाएगी।
2. मलेरिया का बुखार
मलेरिया के बुखार में भी सफेद कत्था काफी फायदेमंद साबित होता है। 10 ग्राम सफेद कत्था को नीम के रस में मिला लें और इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर इसका सेवुन करें। इस बात का भी खास ध्यान रखें कि इस गोली का सेवन बच्चे या गर्भवती महिलाएं ना करें।
3. खांसी में फायदेमंद
300 मिलीग्राम कत्थे का चूर्ण मुंह में रख कर चूसने से गले की काफी समस्याओं से राहत मिलती है। जैसे- गला बैठना, आवाज रूकना, गले की खराश और छाले आदि। इसका दिन में 5 से 6 बार सेवन करना चाहिए। इसके अलावा लगभग 360 से 720 मिलीग्राम कत्था सुबह-शाम चाटने से भी लाभ मिलता है। इससे सूखी खांसी भी दूर हो जाती है।
जरूरी बात
आयुर्वेद के अनुसार कत्था, ठंडा, कड़वा, तीखा व कसैला होता है। यह ओरल स्वास्थ्य, मोटापा, खांसी, चोट, घाव, रक्त पित्त आदि को दूर करने में मदद करता है। लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसके अधिक सेवन से किडनी के स्टोन की समस्या हो सकती है। इसलिए कत्थे के चूर्ण का सिर्फ 1 से 3 ग्राम तक ही प्रयोग करें। साथ ही सफेद कत्था औषधि और लाल कत्था पान में प्रयोग किया जाता है। पान में लगाया जाने वाला कत्था बीमारियों को दूर करने के लिये प्रयोग में न लायें।

