ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इंकार, बोली- मुझे धक्का दिया, लातें मारी

punjabkesari.in Tuesday, May 05, 2026 - 07:43 PM (IST)

नारी डेस्क: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम "जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश" है। साथ ही उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया। बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई निर्वाचन आयोग से थी, जिसने ''भाजपा के लिए काम किया।'' 


मैं हारी नहीं हूं: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के एक दिन बाद बनर्जी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा- ''मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है।… मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।'' तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कहा- ''मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए? हम हारे नहीं हैं। मतों की लूट हुई है। इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'' निवर्तमान मुख्यमंत्री बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीट पर जनादेश को 'लूट' लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई। 


ममता बनर्जी ने लगाए ये गंभीर आरोप

इतना ही नहीं ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि- कुछ गुंडे काउंटिंग सेंटर में घुस आए… उन्होंने मुझे पीटा और CRPF की मदद से मेरे एजेंटों को काउंटिंग सेंटर से बाहर फेंक दिया.'। उन्होंने कहा- ''हम भाजपा से नहीं लड़ रहे थे; हम निर्वाचन आयोग से लड़ रहे थे जो भाजपा के लिए काम कर रहा था। मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त खलनायक बन गए हैं।'' भाजपा ने 207 सीट जीतकर 294 सदस्यीय विधानसभा में निर्णायक बहुमत हासिल किया और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। 


 मैं सड़कों पर रहूंगी: ममता बनर्जी

चुनावी हार के बाद रणनीति में बदलाव का संकेत देते हुए बनर्जी ने कहा कि अब वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उन्होंने कहा- "इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मुझे फोन करके एकजुटता व्यक्त की। सोनिया जी और राहुल गांधी ने भी मुझसे बात की है।"  उन्होंने कहा- ''जब तक मैं कुर्सी पर थी, मैंने बहुत कुछ सहन किया। अब मैं एक आजाद पंछी हूं, एक आम इंसान हूं। मैं संघर्ष करने वाली हूं। मैं सड़कों पर रहूंगी और सभी अत्याचारों के खिलाफ लड़ूंगी।'' बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया। 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static