कहीं दोपहर में सोकर आप तो नहीं कर रहे अपना नुकसान, जानिए दोपहर की नींद अच्छी या बुरी?

punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 02:12 PM (IST)

नारी डेस्क: रात भर हम कितना भी सो लें लेकिन दिन में एक बार तो नींद का झाेंका आ ही जाता है। दोपहर के समय थोड़ी देर सोना यानी "पावर नैप" लेना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है, सबसे ज्यादा नींद दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच आती है। हालांकि कुछ लोगों का मानना ​​है कि यह भारी लंच के कारण होता है, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर स्वाभाविक रूप से पूरे दिन जागने और थकावट के चक्र से गुजरता है। ऐसे में जानते हैं कि ये आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है या बुरा? 


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 30 मिनट से ज़्यादा सोने से होता है नुकसान

बॉडी क्लॉक आमतौर पर दोपहर के समय थकान का अनुभव करती है। अध्ययनों से पता चलता है कि इस अवधि का मुकाबला करने के लिए, एक छोटी झपकी न केवल सतर्कता बढ़ाती है, बल्कि संज्ञानात्मक कार्य को भी बेहतर बनाती है। हालांकि बहुत ज़्यादा देर तक झपकी लेना फासदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है। 30 मिनट से ज़्यादा सोने के बाद भारीपन और सुस्ती का एहसास होता है। इससे आप पहले से ज़्यादा थका हुआ और भ्रमित महसूस कर सकते हैं, खासकर अगर आपको तुरंत बाद कुछ महत्वपूर्ण काम करने की ज़रूरत हो।


ज्यादा सोने से दिन भर रहती है सुस्ती

शोध से पता चलता है कि जब झपकी आधे घंटे से ज़्यादा हो जाती है, तो आपका दिमाग गहरी नींद में चला जाता है। इस अवस्था में जागने से आप एक घंटे तक सुस्त महसूस कर सकते हैं। साथ ही, दिन में बहुत देर से झपकी लेने से रात में सोना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में छोटी झपकी को ह फ़ायदेमंद माना गया है। नासा ने पाया कि 26 मिनट की झपकी से फ्लाइट क्रू में सतर्कता में 54% सुधार हुआ और प्रदर्शन में 34% की वृद्धि हुई।


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झपकी लेना का यह है सबसे सही समय

एथलीट अक्सर अपनी मांसपेशियों को ठीक करने और प्रतिक्रिया समय और सहनशक्ति में सुधार करने के लिए झपकी लेते हैं। डॉक्टर और पायलट जैसी उच्च-तनाव वाली नौकरियों में काम करने वाले लोग भी चुस्त रहने और गलतियों से बचने के लिए छोटी झपकी लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे अच्छी झपकी 10 से 20 मिनट की होती है और दोपहर 2 बजे से पहले आ जानी चाहिए। एक ठंडी, अंधेरी और शांत जगह आदर्श है। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो आई मास्क और शोर-रद्द करने वाले हेडफ़ोन मदद कर सकते हैं।


 ज़रूरत से ज़्यादा नींद बीमारियों को देती है न्यौता

शोधकर्ताओं का कहना है कि  सही समय पर झपकी लेना एक बढ़िया उपाय हो सकता है, लेकिन गलत समय पर झपकी लेना आपकी रात की नींद को खराब कर सकता है। कुछ स्टडीज में पाया गया है कि ज़रूरत से ज़्यादा दिन की नींद, खासकर 1 घंटे से अधिक, डायबिटीज या हाइपरटेंशन के खतरे से जुड़ी हो सकती है।दोपहर में 1 से 3 बजे के बीच झपकी लेना सबसे अच्छा समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान शरीर की ऊर्जा प्राकृतिक रूप से कम होती है।


 झपकी की अवधि      असर

 10-30 मिनट          एनर्जी बूस्ट, बेहतर मूड
30-60 मिनट          भ्रमित जागना, भारीपन 
60+ मिनट          गहरी नींद, रात की नींद में दिक्कत 

नोट: अगर आपको रात को ठीक से नींद मिल रही है, तो दिन में झपकी की ज़रूरत नहीं। लेकिन अगर थकान या तनाव महसूस हो रहा है, तो 20 मिनट की पावर नैप ज़रूर लें]  यह आपके दिमाग और शरीर दोनों के लिए अच्छा है।
 


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Content Writer

vasudha

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