करीना को कहा ‘बूढ़ी’, तो एक्ट्रेस ने दिया ऐसा जवाब कि एज-शेमिंग करने वालों की बोलती हो गई बंद
punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 02:50 PM (IST)
नारी डेस्क: उम्र बढ़ना जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा है, जिससे कोई भी बच नहीं सकता। फिर भी खासकर महिलाओं को उनकी उम्र, चेहरे की झुर्रियों और बदलते लुक को लेकर बार-बार सवालों और तानों का सामना करना पड़ता है। बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान भी हाल ही में कुछ ऐसे ही कमेंट्स का सामना करती नजर आईं। लेकिन उन्होंने चुप रहने के बजाय जिस अंदाज में जवाब दिया, उसने एक जरूरी सवाल खड़ा कर दिया- आखिर महिलाओं को अपनी उम्र बढ़ने से डरना क्यों चाहिए?
अमृता अरोड़ा के साथ तस्वीर पर आए कमेंट्स
मामला तब शुरू हुआ जब करीना कपूर ने अपनी खास दोस्त अमृता अरोड़ा के साथ सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में दोनों साथ नजर आ रही थीं और बिल्कुल सहज अंदाज में अपना समय एंजॉय करती दिखीं। लेकिन सोशल मीडिया पर हर तस्वीर को पसंद करने वाले लोग ही नहीं होते। कुछ यूजर्स ने दोनों की उम्र को लेकर कमेंट करना शुरू कर दिया और उन्हें ‘बूढ़ी’ तक कह दिया। ऐसे कमेंट्स आमतौर पर महिलाओं को यह महसूस कराने की कोशिश करते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी खूबसूरती या उनकी अहमियत कम हो रही है। इस बार करीना ने ऐसे कमेंट्स को नजरअंदाज नहीं किया।

करीना ने दिया सीधा जवाब
करीना ने ट्रोल के कमेंट का स्क्रीनशॉट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और अपने जवाब से यह साफ कर दिया कि उन्हें अपनी उम्र बढ़ने को लेकर कोई शर्म या झिझक नहीं है। उनका संदेश यही था कि उम्र बढ़ने का मतलब सिर्फ जवानी का खत्म होना नहीं है, बल्कि जिंदगी के अनुभवों से सीखना और पहले से ज्यादा समझदार होना भी है। करीना का यह जवाब इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उन्होंने उम्र को लेकर की गई टिप्पणी को कमजोरी की तरह लेने के बजाय उसे अपनी ताकत से जोड़ दिया।
आखिर एज-शेमिंग क्या है?
किसी व्यक्ति को उसकी उम्र के आधार पर नीचा दिखाना या उसे शर्मिंदा करने की कोशिश करना एज-शेमिंग कहलाता है। इसका असर पुरुषों और महिलाओं दोनों पर हो सकता है, लेकिन महिलाओं को अक्सर उनकी उम्र और दिखने को लेकर ज्यादा सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है। समाज में लंबे समय से महिलाओं की खूबसूरती और जवां दिखने को उनकी पहचान से जोड़कर देखा जाता रहा है। वहीं पुरुषों के बाल सफेद होने या उम्र बढ़ने को कई बार अनुभव और परिपक्वता से जोड़ दिया जाता है। यही दोहरा नजरिया महिलाओं के लिए उम्र बढ़ने को लेकर दबाव पैदा करता है।
महिलाओं को उम्र बढ़ने का डर क्यों सताता है?
बचपन से ही लड़कियों को खूबसूरत दिखने और अपने लुक का खास ख्याल रखने की बातें सुनने को मिलती हैं। उम्र बढ़ने के साथ जब चेहरे पर झुर्रियां या दूसरे बदलाव दिखाई देने लगते हैं, तो कई महिलाएं इन्हें सामान्य बदलाव मानने के बजाय अपनी खूबसूरती कम होने से जोड़ने लगती हैं। सोशल मीडिया और विज्ञापनों का दबाव भी इस सोच को बढ़ा सकता है। हर तरफ कम उम्र के चेहरों को खूबसूरती का पैमाना बनाकर पेश किया जाता है। ऐसे में कई महिलाओं के मन में यह डर बैठ जाता है कि अगर वे पहले जैसी जवान नहीं दिखेंगी तो लोग उन्हें पसंद नहीं करेंगे या उनकी अहमियत कम हो जाएगी।

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उम्र को छिपाने के बजाय स्वीकार करना क्यों जरूरी है?
उम्र बढ़ने को स्वीकार करना सिर्फ दिखावे की बात नहीं है। इसका संबंध मानसिक सुकून और खुद को स्वीकार करने से भी है।
आत्म-स्वीकृति: जब इंसान अपनी उम्र और शरीर में हो रहे बदलावों को स्वीकार करता है तो दूसरों की राय का दबाव कम हो सकता है। किसी की कीमत सिर्फ उसके चेहरे या उम्र से तय नहीं होती।
नई पीढ़ी के लिए अच्छी मिसाल: जब महिलाएं अपनी उम्र को लेकर सहज रहती हैं, तो बेटियों और आने वाली पीढ़ी को भी यह संदेश मिलता है कि उम्र बढ़ना कोई शर्म की बात नहीं है।
मानसिक सुकून: हर समय यह सोचते रहना कि लोग चेहरे की झुर्रियों या बढ़ती उम्र को लेकर क्या कहेंगे, मानसिक रूप से थका सकता है। अपनी उम्र को स्वीकार करने से इस अनावश्यक दबाव से राहत मिल सकती है।
करीना की बात में छिपा बड़ा संदेश
करीना कपूर का जवाब सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रोल को दिया गया जवाब नहीं है। यह उस सोच पर सवाल भी उठाता है जिसमें महिलाओं को उम्र बढ़ने के साथ खुद को कमतर महसूस कराया जाता है। आखिर 20 साल की उम्र में इंसान के पास जितना अनुभव होता है, उससे कहीं ज्यादा जिंदगी देखने के बाद आता है। रिश्ते, काम, मुश्किलें, सफलताएं और असफलताएं इंसान को धीरे-धीरे समझदार बनाती हैं। इसलिए उम्र का बढ़ना सिर्फ चेहरे पर दिखने वाला बदलाव नहीं है। यह जिंदगी के साथ आगे बढ़ने और कुछ नया सीखने की प्रक्रिया भी है।

उम्र बढ़ने से नहीं, उसे लेकर बनी सोच से डरने की जरूरत
हर किसी की उम्र बढ़ेगी और शरीर में बदलाव भी आएंगे। इसे रोकना किसी के हाथ में नहीं है। इसलिए महिलाओं को हर उम्र में खुद को स्वीकार करने और अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने का हक है। अगली बार कोई आपकी उम्र को लेकर ताना मारे तो शायद करीना की तरह इसे कमजोरी मानने के बजाय यह याद रखना ज्यादा जरूरी है कि उम्र के साथ सिर्फ साल नहीं बढ़ते, अनुभव और समझ भी बढ़ती है। उम्र बढ़ना कोई कमी नहीं, जिंदगी के आगे बढ़ने की निशानी है।

