क्या कैंसर के बाद प्रेग्नेंसी सुरक्षित है?  विशेषज्ञ से जानें सही जानकारी

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 12:24 PM (IST)

नारी डेस्क:  आज के दौर में महिलाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब किसी महिला को कैंसर का पता चलता है, तो उसके जीवन से जुड़े कई सवाल उठने लगते हैं। यह चिंता और बढ़ जाती है उन महिलाओं के लिए, जो भविष्य में मां बनने का सपना देखती हैं। इस सवाल का सबसे बड़ा डर होता है कि क्या कैंसर का इलाज उनके मातृत्व के सपने को खत्म कर देगा।

खुशखबरी यह है कि मेडिकल साइंस में हुई प्रगति ने इस डर को काफी हद तक कम किया है। आजकल कैंसर का इलाज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गया है, जिससे महिलाएं भविष्य की योजना बना सकती हैं। सही जानकारी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से कई महिलाएं कैंसर के बाद भी सुरक्षित रूप से मां बन सकती हैं।

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कैंसर के बाद मां बनना कितनी हद तक संभव है?

कि कई मामलों में कैंसर के इलाज के बाद मां बनना संभव होता है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का थाउसका इलाज कैसे किया गया

महिला की उम्र कितनी है

कुछ प्रकार के इलाज फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन यह हर महिला पर अलग-अलग असर डालता है। आधुनिक इलाज की योजना बनाते समय डॉक्टर अक्सर फर्टिलिटी को ध्यान में रखते हैं, ताकि महिला भविष्य में गर्भधारण कर सके। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर और आवश्यक जांच करवा कर महिलाएं सुरक्षित रूप से प्रेगनेंसी की योजना बना सकती हैं। रिसर्च के अनुसार, कैंसर के बाद गर्भधारण से कैंसर दोबारा होने का खतरा नहीं बढ़ता, जिससे यह सिर्फ सपना नहीं बल्कि सकारात्मक विकल्प बन गया है।

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कैंसर ट्रीटमेंट के बाद प्रेगनेंसी

कैंसर का इलाज पूरी तरह खत्म होने के बाद महिलाएं प्राकृतिक तरीके से या मेडिकल सहायता से गर्भधारण कर सकती हैं। आमतौर पर डॉक्टर इलाज खत्म होने के बाद कुछ समय तक इंतजार करने की सलाह देते हैं। यह समय शरीर को पूरी तरह स्वस्थ करने और प्रेगनेंसी के लिए तैयार होने में मदद करता है। कैंसर के प्रकार और इलाज की प्रकृति पर यह समय अलग-अलग हो सकता है। सही निगरानी और डॉक्टर की देखरेख में की गई प्रेगनेंसी को सुरक्षित और सफल माना जाता है। नियमित जांच और सही मेडिकल सपोर्ट से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।

कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान प्रेगनेंसी

कुछ महिलाओं में यह स्थिति होती है कि इलाज के समय पहले से प्रेग्नेंसी चल रही होती है। ऐसे मामलों में इलाज बहुत सावधानी से किया जाता है। डॉक्टरों की टीम मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाज की योजना बनाती है। विशेषकर प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में कुछ ट्रीटमेंट सुरक्षित रूप से किए जा सकते हैं। सही मेडिकल देखरेख में कई महिलाएं कैंसर के इलाज के बावजूद स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं, जिससे यह साबित होता है कि सावधानी और विशेषज्ञ सलाह से मातृत्व संभव है।

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कैंसर का इलाज शुरू करने से पहले फर्टिलिटी को कैसे बचाएं?

कैंसर के इलाज से पहले फर्टिलिटी सुरक्षित रखने के लिए आज कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें शामिल हैं

एग फ्रीज़िंग (Egg Freezing): अंडाणु को सुरक्षित रूप से फ्रीज़ करके भविष्य में उपयोग करना।

एंब्रायो फ्रीज़िंग (Embryo Freezing): निषेचित अंडाणु को फ्रीज़ करना।

ओवरी टिश्यू प्रिज़र्वेशन (Ovary Tissue Preservation): अंडाशय के कुछ टिश्यू को सुरक्षित रखना।

ये विकल्प उन महिलाओं के लिए खासतौर पर उपयोगी हैं, जो कैंसर के बाद मां बनने की योजना बना रही हैं। सही समय पर डॉक्टर से चर्चा करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में गर्भधारण की संभावना बनी रहे। आज मेडिकल साइंस ने इतना तरक्की कर लिया है कि कैंसर सर्वाइवर्स के लिए मां बनना अब मुश्किल नहीं। सही जानकारी, विशेषज्ञ सलाह और उचित निगरानी के साथ महिलाएं सुरक्षित प्रेगनेंसी कर सकती हैं। छोटी-छोटी सावधानियां, इलाज से पहले फर्टिलिटी की तैयारी और इलाज के बाद डॉक्टर की सलाह से मातृत्व का सपना पूरा किया जा सकता है।   

 

 
         
 


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Content Editor

Priya Yadav

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