तरबूज से मुंबई में मौत, झारखंड में गोलगप्पों ने ली जान! आखिर कैसे बचें फूड पॉइजनिंग से
punjabkesari.in Wednesday, Apr 29, 2026 - 10:36 AM (IST)
नारी डेस्क: देशभर से इन दिनों फूड पॉइजनिंग के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, झारखंड में गोलगप्पे खाने के बाद एक बच्चे की जान जाना और उत्तर प्रदेश में शादी की दावत में सैकड़ों लोगों का बीमार पड़ना ये घटनाएं साफ इशारा करती हैं कि खाने-पीने की चीजों को लेकर जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में हम अपना ध्यान कैसे रखे चालिए आपको बताते हैं इस आर्टिकल में.....
फल खाने के बाद सुबह दिखे खतरनाक लक्षण
मुंबई के पायधुनी इलाके में रहने वाला एक परिवार 25 अप्रैल की रात रिश्तेदारों के साथ सामान्य तरीके से खाना खाकर सो गया। बताया जाता है कि रात में बिरयानी खाने के बाद, देर रात परिवार के चार सदस्यों ने तरबूज भी खाया। सुबह होते-होते सभी की तबीयत बिगड़ने लगी उल्टी, दस्त और तेज कमजोरी जैसे लक्षण सामने आए। कुछ ही घंटों में हालत इतनी गंभीर हो गई कि अस्पताल ले जाने के बावजूद चारों की जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और असली वजह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन शुरुआती शक फूड पॉइजनिंग पर ही जताया जा रहा है।
क्या तरबूज ही बना वजह
यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि सिर्फ तरबूज खाने से ही मौत हुई। डॉक्टरों और जांच एजेंसियों के अनुसार, तरबूज खुद नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन अगर वह दूषित हो जैसे गंदे पानी से उगाया गया हो, गलत तरीके से काटा गया हो या उसमें किसी तरह का केमिकल मिलाया गया हो तो वह खतरनाक साबित हो सकता है। इसी वजह से आधा खाया हुआ फल जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता चल सके कि उसमें कोई टॉक्सिन या बैक्टीरिया मौजूद था या नहीं।
झारखंड और यूपी के मामले भी बढ़ा रहे चिंता
यह पहली घटना नहीं है। झारखंड के गिरिडीह में गोलगप्पे खाने के बाद कई लोग बीमार हो गए, जिसमें एक बच्चे की मौत भी हो गई। शुरुआती जांच में दूषित पानी को वजह माना जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के संभल में एक शादी समारोह में लौकी की बर्फी खाने के बाद 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि फूड पॉइजनिंग सिर्फ हल्की समस्या नहीं, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है।
फूड पॉइजनिंग इतनी खतरनाक क्यों होती है
अक्सर लोग इसे सिर्फ पेट खराब होना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकती है। ज्यादा उल्टी और दस्त से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स सीधे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर संक्रमण खून में फैल जाए, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक होता है।
किन खाने-पीने की चीजों से सबसे ज्यादा खतरा
हर खाना अगर सही तरीके से न बनाया या रखा जाए तो नुकसान कर सकता है, लेकिन कुछ चीजें ज्यादा जोखिम भरी होती हैं। खुले में बिकने वाला स्ट्रीट फूड, जैसे गोलगप्पे का पानी या कटे हुए फल, जल्दी खराब हो सकते हैं। डेयरी प्रोडक्ट्स अगर सही तरीके से स्टोर न किए जाएं, तो उनमें बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। अधपका मांस, लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना या गंदे पानी से बनी चीजें भी फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण बन सकती हैं।
लक्षण दिखें तो क्या करें
अगर खाना खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या कमजोरी महसूस हो, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें और जरूरत पड़े तो ओआरएस या नारियल पानी लें। हल्का और सादा खाना खाएं और शरीर को आराम दें। लेकिन अगर बार-बार उल्टी हो, तेज बुखार हो या कमजोरी बढ़ती जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
कैसे करें खुद को सुरक्षित?
फूड पॉइजनिंग से बचने का सबसे आसान तरीका है सावधानी। हमेशा ताजा और साफ खाना खाएं, खुले में रखी चीजों से बचें और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं। घर का बना खाना ज्यादा सुरक्षित होता है और बाहर खाते समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए।

