हरिद्वार में 20 दिन तक हरकी पैड़ी पर नहीं आएगा गंगा जल,  बिना स्नान के ही लौट रहे श्रद्धालु

punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 04:33 PM (IST)

नारी डेस्क: हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली ऊपरी गंगा नहर को 20 दिनों के लिए वार्षिक बंदी के तहत बंद कर दिया गया है। इस दौरान नहर से गाद निकालने (डीसिल्टिंग), ढांचागत मरम्मत और आगामी कुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी तैयारियों का काम तेजी से किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा प्रबंधित इस अस्थायी बंदी के कारण हरिद्वार के कई प्रमुख घाटों, जिनमें 'हर की पौड़ी' भी शामिल है, पर जल स्तर काफी गिर गया है। पानी का बहाव कम होने से वहां आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और कई लोग पारंपरिक रूप से पवित्र डुबकी नहीं लगा पा रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) विकास त्यागी ने इस काम की पुष्टि की और भरोसा दिलाया कि तीर्थयात्रियों के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं। पानी का बहाव कम होने के कारण कई श्रद्धालु निराश दिखे। कुछ लोगों ने घाट की सीढ़ियों पर बैठकर मग या छोटे बर्तनों (लोटों) से स्नान किया। हालांकि, तीर्थयात्रियों ने इस स्थिति के अनुसार अपने धार्मिक अनुष्ठानों को ढाल लिया। वहां आए एक श्रद्धालु  ने बताया कि हालांकि ठीक से डुबकी लगाना मुश्किल था, फिर भी इस पवित्र स्थान पर आना एक आध्यात्मिक अनुभव रहा।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि धनतेरस के आसपास पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो जाएगी। एक श्रद्धालु ने कहा- "भले ही हम ठीक से डुबकी नहीं लगा पाए, लेकिन हमने पानी का इस्तेमाल करके स्नान किया। कंटेनर देखे और यहां आकर खुद को धन्य महसूस किया" । इसी तरह अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए हरिद्वार आए एक श्रद्धालु ने पानी का स्तर कम होने के बीच अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा- "जब हमने पहली बार देखा कि मुख्य धारा बंद है, तो हमें थोड़ी निराशा हुई क्योंकि यह हमारी पहली यात्रा थी। हालांकि हम पानी में बैठकर आराम से रस्म पूरी कर पाए। हमने बिना किसी परेशानी के संस्कार पूरे किए।" अधिकारियों ने बताया कि दिवाली से पहले चलने वाले इस रखरखाव (मेंटेनेंस) अभियान के दौरान, गाद निकालने (डीसिल्टिंग), तटबंधों के रखरखाव और नहर की मरम्मत के कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। 20 दिनों के इस रखरखाव अभियान के पूरा होने पर, नहर नेटवर्क में पानी का सामान्य बहाव पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा।


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vasudha

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