2 अप्रैल को हनुमान जयंती, बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2026 - 05:01 PM (IST)
नारी डेस्क: हनुमान जयंती यानी हनुमान जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 2 अप्रैल 2026 को है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन संकटमोचन हनुमान जी का अवतरण हुआ था। इस अवसर पर देशभर में उनके जन्मोत्सव के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है।
मंगलवार और हनुमान जी का संबंध
हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ था, इसलिए मंगलवार को उनकी विशेष पूजा की जाती है। इसके अलावा शनिवार भी हनुमान जी को प्रिय दिन माना जाता है। त्रेता युग में चैत्र पूर्णिमा की सुबह उनका जन्म हुआ था। माता का नाम अंजनी और पिता का नाम केसरी था। हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है। इन्हें पवनपुत्र, बल, बुद्धि, विद्या और अष्ट सिद्धि-नव निधि का दाता कहा जाता है।

हनुमान जयंती तिथि और मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल को सुबह 7:08 बजे से होती है और 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे तक रहती है। शास्त्रों के अनुसार, उदया तिथि का महत्व देखते हुए हनुमान जयंती 2 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।
अष्ट चिरंजीवियों में हनुमान जी
धर्मग्रंथों के अनुसार, आठ पौराणिक पात्रों को अमर (चिरंजीवी) माना गया है। हनुमान जी भी इनमें शामिल हैं। इनके अलावा अश्वत्थामा, बलि, वेद व्यास, विभीषण, कृपााचार्य, परशुराम और मार्कंडेय ऋषि भी चिरंजीवी हैं। रोज़ाना उनका स्मरण करने से लंबी उम्र और रोगमुक्त जीवन मिलता है।
हनुमान जी की पूजा विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठें: हनुमान जन्मोत्सव के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना शुभ माना गया है।
साफ-सफाई और पवित्रिकरण: घर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर घर को पवित्र बनाएं।
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स्नान के बाद पूजा: हनुमान मंदिर या घर में पूजा करें।
सिंदूर और चोला अर्पित करें: मान्यता है कि हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करने से विशेष प्रसन्नता मिलती है।
चमेली का तेल अर्पित करें: हनुमान जी को विशेष रूप से यह प्रिय है।
जल, पंचामृत, फूल और भोग अर्पित करें।
पान का बीड़ा चढ़ाएं: इसमें गुलकंद और बादाम कतरी डालें।
भजन और पाठ: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान आरती का पाठ करें।

हनुमान जी के 12 नाम
इन 12 नामों का जाप करने से सभी बिगड़े काम बन जाते हैं
ॐ हनुमान, ॐ अंजनीसुत, ॐ वायुपुत्र, ॐ महाबल, ॐ रामेष्ठ, ॐ फाल्गुणसखा, ॐ पिंगाक्ष, ॐ अमितविक्रम, ॐ उदधिक्रमण, ॐ सीताशोकविनाशन, ॐ लक्ष्मणप्राणदाता, ॐ दशग्रीवदर्पहा
राशि अनुसार मंत्र
मेष: ॐ सर्वदुखहराय नमः
वृषभ: ॐ कपिसेनानायक नमः
मिथुन: ॐ मनोजवाय नमः
कर्क: ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
सिंह: ॐ परशौर्यविनाशन नमः
कन्या: ॐ पंचवक्त्र नमः
तुला: ॐ सर्वग्रहविनाशिने नमः

वृश्चिक: ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः
धनु: ॐ चिरंजीविते नमः
मकर: ॐ सुरार्चिते नमः
कुंभ: ॐ वज्रकाय नमः
मीन: ॐ कामरूपिणे नमः

