गुलशन कुमार हत्याकांड के दोषी का 60 साल की उम्र में जेल में हुआ निधन
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 02:19 PM (IST)
नारी डेस्क: म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गुलशन कुमार की हत्या के मुख्य दोषी और अंडरवर्ल्ड का गुर्गा अब्दुल रऊफ मर्चेंट अब जेल में नहीं रहे। 60 वर्षीय रऊफ ने औरंगाबाद की हरसूल जेल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे रऊफ की मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताया जा रहा है।
रऊफ की तबीयत और मौत का क्रम
खबरों के अनुसार, रऊफ की सेहत पिछले कुछ समय से खराब थी। 30 दिसंबर 2025 को उन्हें पहला हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें सरकारी वैली अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार होने के बाद 4 जनवरी को उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया। लेकिन गुरुवार की सुबह एक और हार्ट अटैक ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। जेल प्रशासन ने फिलहाल इसे आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज किया है।

गुलशन कुमार हत्याकांड की यादगार काली सुबह
12 अगस्त 1997 का दिन भारतीय संगीत जगत के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज है। दक्षिण अंधेरी के जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर, गुलशन कुमार अपनी रोज की भक्ति के लिए पहुंचे थे। बिना किसी सुरक्षा घेरे के मौजूद गुलशन कुमार पर तीन हमलावरों ने हमला किया, जिसमें रऊफ मर्चेंट भी शामिल था। इस खूनी घटना में 16 गोलियां चलाई गईं। इस हमले में उनका ड्राइवर भी घायल हुआ, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही “म्यूजिक मुगल” गुलशन कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
गुलशन कुमार की हत्या केवल निजी दुश्मनी नहीं थी। यह घटना 1990 के दशक में मुंबई फिल्म उद्योग पर अंडरवर्ल्ड के दबदबे की कहानी भी है। टी-सीरीज के मालिक से अंडरवर्ल्ड ने मोटी रकम की मांग की थी। गुलशन कुमार के इनकार ने अंडरवर्ल्ड डॉन की ईगो को चोट पहुंचाई, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

रऊफ मर्चेंट की सजा और फरारी
2002 में रऊफ को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। 2009 में पैरोल पर उन्हें छूट मिली, लेकिन उन्होंने पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। लगभग 8 साल बाद (2016-17) उन्हें दोबारा पकड़ लिया गया। रऊफ मर्चेंट की मौत के साथ ही गुलशन कुमार हत्याकांड के एक सबसे बड़े अपराधी का अंत हो गया है।

