भगवान के साथ धोखा! तिरुपति मंदिर में चढ़ाया गया बाथरूम क्लीनर वाले घी से बना लड्डू
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 06:42 PM (IST)
नारी डेस्क: देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद से जुड़ी एक और बड़ी बाम सामने आई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को दावा किया कि पिछली YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार के कार्यकाल के दौरान तिरुपति लड्डू बाथरूम साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल से बने घी से तैयार किया गया था।

सीएम ने YSRCP पर 'प्रसाद' में मिलावट करके श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर की पवित्रता को खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- "पांच साल तकYSRCP ने केमिकल से बने घी से 'प्रसाद' बनाया। यह घी बाथरूम साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल से बनाया गया था।" वहीं पिछले साल सीबीआई जांच में खुलासा हुआ था कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 5 साल तक तिरुपति मंदिर को 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की, जिसकी कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई थी।

वहीं गुजरात की एक प्रयोगशाला ने लड्डू को बनाने में घी के साथ पशु की चर्बी और फिश ऑयल का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया था। बता दें कि ये लड्डू मंदिर की रसोई में बनाए जाते हैं - जिन्हें 'पोटू' के नाम से जाना जाता है। इन्हें बनाने के लिए टीटीडी बोर्ड हर महीने 42,000 किलोग्राम घी और 22,500 किलोग्राम काजू, 15,000 किलोग्राम किशमिश और 6,000 इलायची के साथ-साथ बेसन, चीनी और मिश्री खरीदता है। तिरुपति लड्डू में एक 'भौगोलिक इंडिकेटर' टैग होता है, जो किसी उत्पाद को किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान से होने की पहचान कराता है। टैग इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट (आईपीआर) का एक रूप है जो उत्पाद की सुरक्षा करता है और ये सुनिश्चित करता है कि केवल अधिकृत उपयोगकर्ता ही इस नाम का उपयोग कर सकते हैं।

