DJ की तेज आवाज से बुजुर्ग महिला की मौत, Heart Attack आने से पहलें दिखें ये संकेत
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 11:40 AM (IST)
नारी डेस्क : सीहोर के भेरूंदा जेपी मार्केट में एक शादी समारोह के दौरान डीजे की अत्यधिक तेज आवाज ने 60 वर्षीय रुक्मिणी देवी की जान ले ली। तेज आवाज की वजह से आया हार्ट अटैक अचानक छाती में दर्द उठने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। रुक्मिणी देवी सोनी तिवारी परिवार की बुजुर्ग सदस्य थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, डीजे की इतनी तेज आवाज थी कि आसपास मौजूद कई लोग भी असहज महसूस कर रहे थे और कुछ को सीने में दर्द तक हुआ। यह घटना दर्शाती है कि अत्यधिक आवाज न केवल कान और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है, बल्कि सीधे जीवन के लिए भी खतरा बन सकती है।

इस घटना के बाद जेपी मार्केट के व्यापारियों ने मार्केट बंद कर एसडीओपी (ADOP) को ज्ञापन सौंपा और डीजे संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नियमों के अनुसार, डीजे चलाने के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और आवाज 75 डेसीबल (A) से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे चलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भेरूंदा थाना पुलिस ने डीजे को जब्त कर केस रजिस्टर्ड किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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नियमों का पालन करना चाहिए
प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों से नियमों का पालन करने को कहा है। तेज आवाज केवल कान और स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि जान के लिए भी खतरा बन सकती है। भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
तेज आवाज और शोर से होने वाले नुकसान से बचाव के उपाय
साउंड लेवल पर नजर रखें
डीजे या स्पीकर की आवाज 75 डेसीबल से अधिक न होने दें।
शादी, पार्टी या पब्लिक इवेंट में हमेशा आवाज़ मापने के लिए डेसीबल मीटर ऐप या उपकरण का इस्तेमाल करें।

अनुशासन और समय का पालन
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे या तेज म्यूजिक बजाना कानूनन बैन है।
आयोजक और घरवाले समय का ध्यान रखें।
बुजुर्ग और संवेदनशील लोगों की सुरक्षा
बड़े बुजुर्ग, हृदय रोगी और बच्चे तेज शोर से दूर रखें।
इवेंट स्थल पर शांति वाले क्षेत्र बनाएं, जहां वे सुरक्षित रह सकें।
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आईयर प्रोटेक्शन का इस्तेमाल
यदि बहुत शोर में रहना पड़ता है तो ईयरप्लग या हेडफोन पहनें।
स्थानीय प्रशासन से अनुमति लें
डीजे या इवेंट के लिए लाइसेंस और अनुमति जरूर लें।
किसी भी शिकायत की स्थिति में प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर सके।
सावधानी और जागरूकता बढ़ाएं
आयोजक और परिवार को शोर से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
अगर किसी को चक्कर, दर्द या असहजता महसूस हो, तुरंत शांत जगह पर ले जाएं और चिकित्सक की सलाह लें।

