सब कुछ खाकर भी नहीं बढ़ेगा कोलेस्ट्रॉल, मिल गया इसे कंट्रोल करने का तरीका
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 07:18 PM (IST)
नारी डेस्क: अकसर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर खाने-पीने की आदतों पर खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है। पर डॉक्टरों की मानें तो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए न तो “घास-फूस” खाने की जरूरत है और न ही क्रैश डाइट पर जाने की । असल में, छोटी-छोटी समझदारी भरी आदतें लंबे समय तक बड़ा असर करती हैं। कम खाओ नहीं समझदारी से खाओ यही कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल की कुंजी है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ता क्यों है?
गलत खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, कम नींद और धूम्रपान जैसी आदतें LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाती हैं, जबकि HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) घटाती हैं। अचानक डाइट बदलने से शरीर को झटका लगता है और रिज़ल्ट टिकाऊ नहीं रहता।
बिना क्रैश डाइट के कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का तरीका
प्लेट स्मार्ट बनाइए, भूखा मत रहिए: आधी प्लेट सब्ज़ियां, एक चौथाई प्रोटीन, एक चौथाई साबुत अनाज रखें। सफेद चावल/मैदा की जगह ब्राउन राइस, ज्वार-बाजरा, ओट्स चुनें। सब्ज़ियां उबालकर नहीं, हल्का भूनकर/स्टीम करके खाएं ताकि स्वाद बना रहे।
फैट हटाइए नहीं, सही फैट चुनिए: देसी घी/मक्खन बहुत कम मात्रा में ठीक है।सरसों, मूंगफली, जैतून का तेल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। ट्रांस फैट (बेकरी, पैकेट स्नैक्स) से दूरी रखें यही असली दुश्मन है।
प्रोटीन से दोस्ती करें: दालें, चना, राजमा, सोया, पनीर (लो-फैट), अंडा ये पेट भी भरते हैं और शुगर क्रेविंग घटाते हैं। नॉन-वेज खाते हैं तो तला नहीं, ग्रिल/उबला हुआ बेहतर है।
फाइबर बढ़ाइए-धीरे लेकिन पक्का असर: सेब, नाशपाती, अमरूद, जामुन; सब्ज़ियों में भिंडी, गाजर, पालक को अपनी डाइट में शामिल करें। अलसी और इसबगोल (डॉक्टर की सलाह से) LDL घटाने में मदद करते हैं।
मीठा और शक्कर कम लेकिन समझदारी से: रोज़ मिठाई नहीं, हफ्ते में 1–2 बार छोटी मात्रा में ले सकते हैं। मीठे ड्रिंक्स की जगह नारियल पानी/नींबू पानी लें बिना शक्कर के।
चलना भी दवा है: रोज़ 30–40 मिनट तेज़ चाल से चलना HDL बढ़ाता है। हफ्ते में 2–3 दिन हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जोड़ें इससे मसल्स बढ़ेंगी, फैट घटेगा।
नींद और तनाव-अक्सर नजरअंदाज, पर ज़रूरी: 7–8 घंटे की नींद हार्मोन बैलेंस रखती है। ध्यान, प्राणायाम, या 10 मिनट की गहरी सांस से तनाव घटेगा तो कोलेस्ट्रॉल भी सुधरेगा।
क्रैश डाइट क्यों नहीं?
अचानक बहुत कम कैलोरी लेने से मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है। वजन घटे-बढ़ेगा, पर कोलेस्ट्रॉल फिर उछल सकता है। टिकाऊ बदलाव ही सही रास्ता है।

