अलमारी में कपड़े रखने का गलत तरीका बढ़ा सकता है राहु का अशुभ प्रभाव
punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 01:34 PM (IST)
नारी डेस्क : घर की साफ-सफाई और व्यवस्थित माहौल को वास्तु शास्त्र में सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। वहीं ज्योतिष शास्त्र की कुछ मान्यताओं के अनुसार, घर की अलमारी में गंदे, फटे या लंबे समय से बिना इस्तेमाल के रखे कपड़े न केवल अव्यवस्था बढ़ाते हैं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसी स्थिति राहु के अशुभ प्रभाव को बढ़ाने का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि इस विषय में वास्तु और ज्योतिष क्या कहते हैं और अलमारी को व्यवस्थित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अलमारी में बिखरे कपड़ों का क्या होता है प्रभाव?
वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार, अलमारी में बेतरतीब तरीके से रखे कपड़े, लंबे समय तक पड़े पुराने वस्त्र और गंदे कपड़े घर के ऊर्जा संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। माना जाता है कि ऐसी अव्यवस्था से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिसका संबंध राहु के अशुभ प्रभाव से जोड़ा जाता है। इसलिए अलमारी को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना गया है।

समय-समय पर करें अलमारी की सफाई
विशेषज्ञों के अनुसार हर 3 से 6 महीने में अलमारी की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।
जिन कपड़ों का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, उन्हें अलग कर दें।
जो कपड़े अच्छी स्थिति में हैं लेकिन आपके काम नहीं आते, उन्हें जरूरतमंद लोगों को दान कर दें।
पूरी तरह खराब, फटे या अनुपयोगी कपड़ों का उचित तरीके से निस्तारण करें।
अलमारी में केवल वही कपड़े रखें जिनका आप नियमित रूप से उपयोग करते हैं।
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गंदे तौलिये और चादर भी माने जाते हैं अशुभ
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कई दिनों तक बिना धोए एक ही तौलिया, चादर या बिस्तर का इस्तेमाल करना भी उचित नहीं माना जाता।
इससे घर की स्वच्छता प्रभावित होती है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।
इसलिए, तौलिये और बेडशीट समय-समय पर बदलें।
कपड़ों को हमेशा साफ और अच्छी तरह तह लगाकर रखें।
अलमारी में नमी और बदबू न बनने दें।

ग्रहों से जुड़ा है वस्त्रों का संबंध
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अलग-अलग रंगों के वस्त्रों का संबंध विभिन्न ग्रहों से माना जाता है। मान्यता है कि पीला रंग गुरु, सफेद रंग चंद्र और शुक्र, लाल रंग मंगल, हरा रंग बुध तथा काला और गहरा नीला रंग शनि का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह भी माना जाता है कि जब कपड़े लंबे समय तक बिना उपयोग के अलमारी में पड़े रहते हैं, तो उनमें ऊर्जा स्थिर हो जाती है। ऐसी स्थिति घर के सकारात्मक वातावरण को प्रभावित कर सकती है और नकारात्मकता बढ़ने की आशंका मानी जाती है। इसलिए समय-समय पर अलमारी की सफाई करना, अनुपयोगी कपड़ों को अलग करना और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।
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पुराने कपड़ों का गलत इस्तेमाल न करें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, फटे या पुराने कपड़ों से फर्नीचर, फर्श या घर की सफाई करना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। इसके बजाय ऐसे कपड़ों का उचित निस्तारण करें और अलमारी को पुराने कपड़ों का भंडार बनने से बचाएं।

दान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप पुराने कपड़े दान करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें।
केवल साफ और उपयोग योग्य कपड़े ही दान करें।
फटे, गंदे या दागदार कपड़े दान न करें।
कुछ ज्योतिषाचार्यों की मान्यता है कि दान से पहले कपड़ों को नमक मिले पानी से धोने से उनसे जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है। हालांकि, यह धार्मिक मान्यता है और इसके समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
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वास्तु और ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, अलमारी को साफ, व्यवस्थित और अनावश्यक कपड़ों से मुक्त रखना शुभ माना जाता है। समय-समय पर अलमारी की सफाई करना, पुराने और अनुपयोगी कपड़ों को जरूरतमंदों को दान करना तथा गंदे या फटे कपड़ों को जमा करके न रखना सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

