सर्दियों में ब्राउन Eggs खाने के फायदे, जानें किन लोगों को नहीं खाना चाहिए

punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 11:25 AM (IST)

नारी डेस्क : अगर आप अंडे खाने के शौकीन हैं, तो सर्दियों में अपने आहार में देसी यानी ब्राउन अंडों को जरूर शामिल करना चाहिए। अंडे न सिर्फ शरीर को गर्माहट देते हैं, बल्कि यह प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। यही वजह है कि ठंड के मौसम में लगभग हर घर में अंडों का सेवन बढ़ जाता है। बाजार में आमतौर पर सफेद और ब्राउन (भूरे) अंडे दोनों ही आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि ब्राउन अंडा किस मुर्गी का होता है, क्या यह सफेद अंडे से ज्यादा फायदेमंद होता है और सर्दियों में किसे खाना बेहतर रहता है?

ब्राउन अंडा किस मुर्गी का होता है?

ब्राउन अंडे आमतौर पर लाल या भूरे पंखों वाली मुर्गियां देती हैं, जबकि सफेद पंखों वाली मुर्गियां सफेद अंडे देती हैं। अंडे के छिलके का रंग पूरी तरह मुर्गी की नस्ल पर निर्भर करता है। हालांकि, अंडे का पोषण केवल छिलके के रंग से तय नहीं होता, बल्कि यह मुर्गी के आहार और पालन-पोषण पर भी निर्भर करता है।

PunjabKesari

क्या सफेद और ब्राउन अंडों में कोई बड़ा अंतर है?

रिसर्च के मुताबिक, अंडे के छिलके का रंग पोषण को सीधे प्रभावित नहीं करता। दोनों अंडों का स्वाद भी लगभग एक जैसा होता है। लेकिन देसी यानी ब्राउन अंडों की जर्दी (पीला भाग) अक्सर ज्यादा गहरे रंग की होती है, क्योंकि देसी मुर्गियों का खाना ज्यादा प्राकृतिक होता है। इसी वजह से लोग ब्राउन अंडों को ज्यादा हेल्दी मानते हैं।

ब्राउन अंडा खाने के फायदे

डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में ब्राउन अंडों का सेवन कई तरह से फायदेमंद होता है।
प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत: मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद: विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर।
हड्डियों को मजबूत करता है: कैल्शियम और विटामिन D की अच्छी मात्रा।
बालों की ग्रोथ में मददगार: बायोटिन और प्रोटीन से भरपूर।
वजन कम करने में सहायक: पेट लंबे समय तक भरा रहता है।
विटामिन और मिनरल से भरपूर: शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है।

PunjabKesari

असली ब्राउन अंडे की पहचान कैसे करें?

आजकल बाजार में मिलावट भी देखने को मिल रही है, इसलिए सही पहचान जरूरी है।
असली अंडे का छिलका थोड़ा खुरदुरा होता है, ज्यादा चिकना नहीं।
पानी में डालने पर असली अंडा नीचे बैठ जाता है, जबकि खराब या नकली तैरने लगता है।
रंग बहुत ज्यादा चमकीला या पॉलिश जैसा लगे तो सावधान रहें।

यें भी पढ़ें : इन लोगों को रात को दूध पीकर सोने की गलती नहीं करनी चाहिए, जानिए क्यों?

किसे और कितना अंडा खाना चाहिए?

स्वस्थ व्यक्ति: रोजाना 1 अंडा (जर्दी सहित) खा सकता है।
बच्चे: ग्रोथ और विकास के लिए 1–2 अंडे फायदेमंद।
कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग: अंडा खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

किन लोगों को अंडा नहीं खाना चाहिए या सीमित मात्रा में खाना चाहिए?

डॉक्टरों के अनुसार जिन लोगों को अंडे से एलर्जी होती है, उन्हें अंडे का सेवन पूरी तरह से नहीं करना चाहिए। अगर अंडा खाने के बाद खुजली, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, पेट दर्द या दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है। ऐसे में अंडा खाने से परहेज करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट पेशेंट

हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक का खतरा या ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को अंडे का सेवन सावधानी से करना चाहिए। अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, जो हृदय रोगियों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के अंडा नहीं खाना चाहिए और आमतौर पर डॉक्टर उन्हें केवल अंडे की सफेदी खाने की ही अनुमति देते हैं।

PunjabKesari

लीवर की बीमारी वाले लोग

फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या किसी भी तरह की लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को अंडे का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा अंडा खाने से लीवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे समस्या बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अंडा खाना बेहतर होता है।

यें भी पढ़ें : छोटे बच्चों को Breastfeeding की आदत कैसे छुड़ाएं ? डॉक्टर ने बताया सही तरीका

किडनी रोगी

किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या में अंडे का सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए, क्योंकि अंडे में मौजूद अधिक प्रोटीन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए किडनी रोगियों को अंडा खाने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन द्वारा तय की गई डाइट प्लान के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।

पाचन कमजोर या एसिडिटी की समस्या

जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है या जिन्हें अक्सर गैस, एसिडिटी और पेट में भारीपन की समस्या रहती है, उनके लिए अंडा रोज़ाना खाना सही नहीं माना जाता। अगर अंडा खाने के बाद ये दिक्कतें बढ़ जाती हैं, तो अंडे का सेवन कम करें या पूरी तरह बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

PunjabKesari

बुखार या इंफेक्शन के दौरान

तेज बुखार, फूड पॉइजनिंग या पेट के किसी भी तरह के इंफेक्शन के दौरान अंडा पचाने में भारी पड़ सकता है। ऐसे समय में अंडा खाने से पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए बीमारी के दौरान कुछ दिनों तक अंडे का सेवन न करना ही बेहतर होता है।

सर्दियों में ब्राउन यानी देसी अंडे शरीर को गर्माहट देने के साथ-साथ संपूर्ण पोषण भी प्रदान करते हैं। अगर सही और असली ब्राउन अंडे चुने जाएं, तो यह सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। अगर कोई पुरानी बीमारी है तो अंडा खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static