बारिश के मौसम में सर्दी-ज़ुकाम के साथ- साथ यूरिन पर भी रखें नजर, नही तो डैमेज हो जाएगी किडनी

punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 05:12 PM (IST)

नारी डेस्क: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही ऐसे हालात भी बनाता है जिनमें बैक्टीरिया और वायरस पनपते हैं। जहां ज़्यादातर लोग सर्दी-ज़ुकाम और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों पर ध्यान देते हैं, वहीं किडनी इन्फेक्शन अक्सर तब तक नज़रअंदाज़ रह जाते हैं जब तक वे गंभीर न हो जाएं। अगर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) जैसी मामूली समस्या को नजरअंदाज किया जाए, तो यह किडनी तक फैल सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।  मानसून के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने देना, साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना और समय पर डॉक्टरी सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। 
 

यह भी पढ़ें: Everest पर जमा हो रहा है रोजाना 6,000 लीटर पेशाब, इंसानी गर्मी से पिघल रहा है Glacier
 

मानसून और किडनी का कनेक्शन

मानसून का मौसम बैक्टीरिया के पनपने के लिए सही माहौल बनाता है। ठंडे मौसम में कई लोग कम पानी पीते हैं, जिससे यूरिन गाढ़ा हो जाता है और यूरिनरी ट्रैक्ट से बैक्टीरिया ठीक से बाहर नहीं निकल पाते। अगर बैक्टीरिया यूरिनरी सिस्टम में रह जाते हैं, तो वे ब्लैडर से किडनी तक पहुंच सकते हैं और किडनी इन्फेक्शन (जिसे पाइलोनेफ्राइटिस भी कहते हैं) का कारण बन सकते हैं। बारिश के मौसम में खतरा बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे:

-पानी कम पीना
-ज़्यादा नमी जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं
-साफ़-सफ़ाई की कमी
-दूषित पीने का पानी
-यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का इलाज में देरी
-कमज़ोर इम्यूनिटी
-डायबिटीज या पहले से किडनी की बीमारी होना

बचाव के उपाय करने से किडनी इन्फेक्शन होने की संभावना काफी कम हो सकती है।

किडनी इन्फेक्शन क्या है?

किडनी इन्फेक्शन एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो एक या दोनों किडनी को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के रूप में शुरू होता है और अगर समय पर इलाज न किया जाए तो ऊपर की ओर फैल जाता है। साधारण ब्लैडर इन्फेक्शन के उलट, किडनी इन्फेक्शन के लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत होती है क्योंकि यह किडनी को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है या खून में फैल सकता है। चेतावनी के संकेतों को जल्दी पहचानना बहुत ज़रूरी है। आम लक्षणों में शामिल हैं: तेज़ बुखार के साथ कंपकंपी, पीठ के निचले हिस्से या बगल में दर्द, पेशाब करते समय जलन महसूस होना, बार-बार या तुरंत पेशाब करने की ज़रूरत महसूस होना, धुंधला या बदबूदार पेशाब, पेशाब में खून आना, थकान और कमजोरी। अगर ये लक्षण एक दिन से ज़्यादा बने रहें या और बिगड़ जाएं, तो पुणे में किडनी के इलाज के लिए तुरंत डॉक्टर से मिलें।
 

यह भी पढ़ें: Teacher Day पर पीएम मोदी की शिक्षकों को सलाह- बच्चों काे नशे से दूर रखने का प्रयास करो
 

बारिश के मौसम में अपनी किडनी को सुरक्षित रखने के टिप्स


खूब पानी पिएं: भले ही बारिश के मौसम में आपको प्यास न लगे, फिर भी पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिएं ताकि यूरिनरी ट्रैक्ट से बैक्टीरिया बाहर निकल सकें।

यूरिन से जुड़े लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें: पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना या पेल्विक एरिया में बेचैनी होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए, ताकि इन्फेक्शन किडनी तक न फैले।

अच्छी पर्सनल हाइजीन बनाए रखें: यूरिनरी एरिया को साफ और सूखा रखने से बैक्टीरिया के पनपने का खतरा कम होता है।

पेशाब को रोककर न रखें: पेशाब रोकने से ब्लैडर में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

संतुलित आहार लें: फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर आहार आपके इम्यून सिस्टम और किडनी की सेहत को बेहतर बनाता है।

डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें: डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को सही ढंग से कंट्रोल करने से किडनी की बीमारी और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।

किडनी की नियमित जांच करवाएं: जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, डायबिटीज या बार-बार UTI की समस्या है, उन्हें पुणे में किसी किडनी स्पेशलिस्ट से नियमित जांच करवानी चाहिए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static