पेट में हर समय गड़बड़ी रहना किसका संकेत, इन लक्षणों पर ध्यान दें

punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 09:33 PM (IST)

नारी डेस्कः पेट (Stomach) पाचन तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को संग्रहित करने, उसे पचाने और पोषक तत्वों के अवशोषण की प्रक्रिया शुरू करने का काम करता है। पेट में बनने वाले अम्ल (एसिड) और एंजाइम भोजन को छोटे-छोटे भागों में तोड़ते हैं ताकि शरीर उन्हें आसानी से उपयोग कर सके। पेट की सेहत का सीधा संबंध हमारे खान-पान, जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य से होता है। अगर हर तीसरे दिन पेट में गड़बड़ी हो रही है तो इसे समझना बहुत जरूरी है और इसके पीछे कारण भी कई छिपे हो सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं। 

पेट में हर समय गड़बड़ी रहना कई अलग-अलग कारणों का संकेत हो सकता है। "गड़बड़ी" से आपका मतलब क्या है-अपच, गैस, पेट फूलना, दर्द, जलन, दस्त, कब्ज़, या मितली—इससे कारण का अंदाज़ा बेहतर लगाया जा सकता है।

अपच (Dyspepsia): भारीपन, जल्दी पेट भरना, भोजन के बाद असहजता।
अम्लता/एसिड रिफ्लक्स (GERD): सीने या पेट में जलन, खट्टे डकार।
Irritable Bowel Syndrome (IBS):  बार-बार पेट में दर्द, गैस, दस्त और कब्ज़ का बदल-बदलकर होना।
खाद्य असहिष्णुता (Food intolerance): जैसे दूध, कुछ अनाज या अन्य खाद्य पदार्थों से परेशानी।
पेट या आंत का संक्रमण: लंबे समय तक दस्त, पेट दर्द या बेचैनी।
तनाव और चिंता: मानसिक तनाव का असर पाचन तंत्र पर पड़ सकता है।
Peptic Ulcer Disease: पेट में जलन या दर्द, खासकर खाली पेट।
कभी-कभी पित्ताशय, अग्न्याशय, या आंतों की अन्य बीमारियाँ भी कारण हो सकती हैं।
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ये लक्षण भी दिखें तो डॉक्टरी जांच जरूर करवाएं

वजन का बिना वजह कम होना
मल में खून या काला मल
लगातार उल्टी
तेज़ या बढ़ता हुआ पेट दर्द
लंबे समय तक दस्त या कब्ज़
निगलने में कठिनाई

पेट को हैल्दी रखने के लिए क्या करें

संतुलित आहार ले
फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और दालें खाएं।
फाइबर से भरपूर भोजन कब्ज़ को कम करने में मदद करता है।

पर्याप्त पानी पीएं
दिन भर नियमित रूप से पानी पीते रहें।
पर्याप्त तरल पदार्थ पाचन को बेहतर बनाते हैं।

समय पर भोजन करें
बहुत देर तक भूखे न रहें।
एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा में खाएं।
तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन सीमित करें
ऐसे खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में गैस, एसिडिटी और अपच बढ़ा सकते हैं।

फिजिकल एक्टिविटी भी करें
रोज़ 30 मिनट टहलना भी पाचन के लिए लाभदायक है।
योग और स्ट्रेचिंग कर सकते हैं।

तनाव को नियंत्रित करें
तनाव का असर पाचन तंत्र पर पड़ सकता है।
योग, ध्यान या अन्य आरामदायक गतिविधियाँ मदद कर सकती हैं।

पर्याप्त नींद लें
वयस्कों के लिए सामान्यतः 7–9 घंटे की नींद लाभकारी मानी जाती है।

धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें
ये पेट और पाचन तंत्र को नुकसान पहुँचा सकते हैं।


 

 

 


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Content Writer

Vandana

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