तस्मानिया में फंसी कई व्हेल्स, क्या कुदरत पर मंडरा रहा कोई खतरा?

9/25/2020 10:15:00 AM

कोरोना महामारी के कारण पिछले कुछ महीनों में देशभर के लोगों को अपने घरों में कैद रहना पड़ा था। लॉकडाउन के कारण शहरों की आबो हवा और नदियों का पानी भी साफ हो गया था। यही नहीं, लॉकडाउन के कारण समुद्री जीव और जानवरों को भी खुलकर जीने का मौका मिल गया था लेकिन लोगों को घरों से आजादी मिलने के बाद फिर देश के कोने-कोने से बुरी खबरें सुनने को मिल रही हैं।

तस्मानिया द्वीप पर मरी हुई मिली 90 व्हेल

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया शहर से भी ऐसी खबरें आई हैं, जो दिल की पसीज कर रख देंगी। दरअसल, दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के तस्मान द्वीप एक खाड़ी में 90 व्हेलों की मौत हो गई। यही नहीं, 180 से ज्यादा व्हेल अभी भी Macquarie Harbour में सैंडबार पर फंसी हुई हैं।

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कई व्हेल्स अभी भी खतरे में

राज्य मंत्रालय ने बताया कि इन स्तनधारियों के 2 बड़े समूह खाड़ी के लगभग 100 मीटर के अंदरूनी हिस्से में फंसे हुए थे। पश्चिमी तट पर स्थित इस खाड़ी का द्वीर एक पतले मार्ग के रूप में तब्दील होते हुए बंद हो जाता है। हालांकि वालंटियर्स और स्थानीय मछली फार्म वर्कर्स सहित 60 लोग व्हेल को बचाने में लगे हुए हैं।

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भारी संख्या में फंसी पायलट व्हेल्स

पार्क्स एंड वाइल्डलाइफ सर्विस के मैनेजर निक डेका ने बताया कि द्वीप पर भारी संख्या में पायलट व्हेल्स फंसी हुई थी। रेस्क्यू टीम ने छोटी संख्या में व्हेल को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है लेकिन अभी भी भारी संख्या में व्हेल्स फंसी हुई हैं।

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इस बार समस्या गंभीर

रेस्क्यू टीम अभी भी समुद्र का जायजा ले रही हैं। तस्मानिया के तटों पर डॉलफिन, व्हेल जैसे स्तनधारी अक्सर फंस जाते हैं लेकिन 10 सालों बाद ऐसी घटना हुई है कि भारी संख्या में व्हेल्स फंस गई हो। इससे पहले 1935 में 294 व्हेल्स इस द्वीप पर फंस गई थी। वहीं, 2009 में भी करीब 200 पायलट व्हेल यहां आई थीं और इस बार की स्थिति भी गंभीर है। 270 जानवरों में से एक तिहाई जीव मर चुके हैं और ये काफी दिनों तक चलने वाला चुनौतीपूर्ण काम है।

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क्या होती हैं पायलट व्हेल?

समुद्री डॉलफिन की एक प्रजाति पायलट व्हेल एक समूह में यात्रा करती हैं। ये एक लीडर को फॉलो करते हुए आगे बढ़ती हैं और अगर ग्रुप का कोई साथी घायल हो जाए तो सभी उसके आस-पास इकट्ठी हो जाती हैं। कई बार एक व्हेल किनारे पर जाकर दूसरी व्हेल को संकेत भेजती हैं और फिर फंसती चली जाती हैं।

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Anjali Rajput

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