जैम, चुइंगम और टूथपेस्ट में मौजूद ये स्वीटनर बढ़ा सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 12:49 PM (IST)
नारी डेस्क : आजकल चीनी की जगह कई तरह के लो-कैलोरी स्वीटनर का इस्तेमाल बढ़ गया है। ये स्वीटनर चुइंगम, कुछ जैम, योगर्ट, डाइट प्रोडक्ट्स और ओरल केयर प्रोडक्ट्स जैसी रोजमर्रा की चीजों में भी मिल सकते हैं। इन्हीं में से एक है जाइलिटोल (Xylitol)। जाइलिटोल को आमतौर पर चीनी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस स्वीटनर को लेकर हुई रिसर्च ने हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी चिंता बढ़ाई है। यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) से जुड़े शोध में खून में जाइलिटोल के अधिक स्तर और हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि, रिसर्च यह साबित नहीं करती कि जाइलिटोल सीधे इन बीमारियों का कारण बनता है।
क्या कहती है जाइलिटोल पर हुई रिसर्च?
2024 में European Heart Journal में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अलग-अलग समूहों के लोगों में खून में जाइलिटोल के स्तर और हृदय संबंधी घटनाओं के बीच संबंध का अध्ययन किया। वैलिडेशन कोहोर्ट में जिन लोगों के खून में जाइलिटोल का स्तर ज्यादा था, उनमें कम स्तर वाले लोगों की तुलना में प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं का जोखिम अधिक पाया गया। रिसर्च में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि जाइलिटोल प्लेटलेट्स की सक्रियता बढ़ा सकता है। प्रयोगशाला और छोटे इंटरवेंशन अध्ययन में जाइलिटोल के सेवन के बाद प्लेटलेट की प्रतिक्रिया और थक्का बनने की क्षमता में बढ़ोतरी देखी गई।

शरीर में क्या करता है जाइलिटोल?
जाइलिटोल एक शुगर अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल चीनी की जगह मिठास देने के लिए किया जाता है। यह कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से थोड़ी मात्रा में पाया जाता है, जबकि कई प्रोसेस्ड और शुगर-फ्री उत्पादों में इसे स्वीटनर के रूप में अलग से मिलाया जाता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जाइलिटोल का एक संभावित प्रभाव प्लेटलेट्स से जुड़ा हो सकता है। प्लेटलेट्स खून का थक्का बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर प्लेटलेट्स जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। रिसर्च में इसी संभावित तंत्र की जांच की गई है।
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किन चीजों में मिल सकता है जाइलिटोल?
जाइलिटोल खासतौर पर उन उत्पादों में पाया जा सकता है जिन पर Sugar-Free, No Added Sugar या Low-Calorie जैसे दावे किए जाते हैं।
उदाहरण के लिए शुगर-फ्री चुइंगम
कुछ कैंडी और मिठाई
कुछ बेकरी या पैकेज्ड फूड
कुछ लो-कैलोरी प्रोडक्ट्स
कुछ ओरल केयर प्रोडक्ट्स
हालांकि, हर ब्रांड या उत्पाद में जाइलिटोल मौजूद हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए पैकेट पर दिए गए Ingredients जरूर पढ़ें।

सिर्फ जाइलिटोल ही नहीं, इन नामों पर भी दें ध्यान
पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल पर मौजूद स्वीटनर की जानकारी देखना अच्छी आदत है। जाइलिटोल के अलावा कुछ अन्य शुगर अल्कोहल जैसे Sorbitol और Erythritol भी अलग-अलग उत्पादों में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, इन सभी स्वीटनर के स्वास्थ्य प्रभाव एक जैसे नहीं माने जा सकते और उन्हें एक ही श्रेणी में रखना सही नहीं होगा।
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क्या जाइलिटोल पूरी तरह नुकसानदायक है?
ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा। उपलब्ध रिसर्च में जाइलिटोल के खून में अधिक स्तर और हृदय संबंधी घटनाओं के बीच association पाया गया है। शोधकर्ताओं ने खुद आगे और अध्ययन की जरूरत बताई है। इसलिए इसे सीधे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।

रोजमर्रा की डाइट में क्या करें?
अगर आप अपनी डाइट में प्रोसेस्ड और शुगर-फ्री उत्पादों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो उनके लेबल जरूर पढ़ें। कोशिश करें कि रोजाना की डाइट में ज्यादा से ज्यादा ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ शामिल हों। यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी ने भी हालिया विशेषज्ञ समीक्षा में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करने की सलाह दी है, क्योंकि इनके अधिक सेवन को हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा गया है।
सबसे जरूरी बात
जाइलिटोल वाली चीजें देखते ही उन्हें पूरी तरह बंद करने की जरूरत है, ऐसा इस रिसर्च से साबित नहीं होता। लेकिन शुगर-फ्री या लो-कैलोरी का मतलब हमेशा पूरी तरह हेल्दी होना नहीं है। इसलिए किसी भी पैकेज्ड प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसके Ingredients और Nutrition Label को जरूर देखें और संतुलित डाइट को प्राथमिकता दें।

