महिलाएं अक्सर करती है थायरॉइड से जुड़े इन 6 लक्षणों को इग्नोर

punjabkesari.in Saturday, Jun 17, 2023 - 03:58 PM (IST)

 खराब लाइफस्टाइल और अस्वस्थ खान-पान के चलते कई महिलाएं थायराइड का शिकार हो जाती है। कोई न कोई रोग उनके जीवन को प्रभावित कर ही देता है और वह परेशान रहती हैं। बता दें कि थायरॉइड ग्लैंड एक महत्वपूर्ण हार्मोन रेगूलेटर है, लेकिन यह विशेष रूप से महिलाओं में इसके अविश्वसनीय रूप से बढ़ जाने की संभावना ज्यादा होती है। इसी कड़ी में आज हम आपको थायरॉइड के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताएगें। तो चलिए जानते है उनके बारे में।

थायरॉइड क्या है 

थायरॉइड गले में पाई जाने वाली तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है। ये सांस की नली की ऊपर होती है। यह मानव शरीर में पाई जाने वाली सबसे बड़ी अतस्रावी ग्रंथियों में से एक होती है। इसी थायरॉइड ग्रंथि में गड़बड़ी आने से ही थायरॉइड से संबंधित रोग होते हैं। थायरॉइड ग्लैंड थ्योरिकसिन नाम का हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और बॉडी में सेल्स को नियंत्रित करने का काम करता है। 

इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

अचानक वजन गिरना या बढ़ना

अचानक से अगर आपका वजन बढ़ रहा है तो यह थायरॉइड के शुरुआती लक्षण हो सकते है। इसके लिए आपको थायरॉइड का चेकअप कराना चाहिए। थायरॉयड का स्तर अगर कम है, तो इससे वजन बढ़ सकता है, वहीं, एक जरूरत ज्यादा सक्रिय थायरॉइड की वजह से आपका वज़ काफी कम कर सकता है। 

त्वचा का डार्क होना

जो महिलाएं थायरॉइड से पीड़ित होती है उनकी गर्दन के आसपास की त्वचा काली पड़ जाती है। एक शोध के मुताबिक जब गर्दन के आसपास की त्वचा काली पड़ती है तो हार्मोन का लेवल बढ़ने की वजह है। इतना ही नहीं हार्मोन्स के ऊपर-नीचे होने पर शरीर में कुछ बदलाव होते है। जैसे कि रूखी त्वचा, सिर में खुजली, त्वचा का ऑयली होना या नाखूनों का नाज़ुक होना भी एक संकेत है। 

कमजोरी और थकावट

थोडा सा काम करके ज्यादा थकावट महसूस करना भी थायरॉइड का संकेत है। क्योंकि महिलाओं का थायरॉइड ग्लैंड चयापचय क्रिया को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है, इसलिए एक निष्क्रिय थायरॉयड चयापचय को धीमा कर सकता है और आपको नियमित रूप से थका हुआ और सुस्त बना सकता है।

नींद आने में दिक्कत

नींद न आना भी थायरॉइड का एक लक्षण हो सकता है। थायरॉइड अगर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, तो इससे आपकी नींद भी प्रभावित हो सकती है। इसकी वजह से आपको दिन के समय में ज्यादा नींद आएगी। जबकि एक अति सक्रिय, हाई-फंक्शनल थायरॉइड आपके मूड, तंत्रिका तंत्र, थकान और मांसपेशियों की कमजोरी को प्रभावित कर सकता है।

घबराहट होना

मानसिक स्वास्थ्य के कमजोर होने या बिगड़ने के किसी भी लक्षण को कभी नजरअंदाज न करें। थायरॉइड से पीड़ित महिलाओं को चिंता, घबराहट, कंपकंपी, चिड़चिड़ापन, तीव्र मिजाज़ के साथ-साथ ब्रेन फॉग का अनुभव होने का अधिक जोखिम होता है।  

पीरियड्स समय पर न आना

महिलाओं में, किसी भी तरह के मासिक धर्म में बदलाव या अनियमितता को मुख्य रूप से PCOS या फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतों के लिए चेतावनी संकेत माना जाता है। हालांकि, पीरियड्स का समय पर न आना सिर्फ इन्हीं दिक्कतों से नहीं जुड़ा है। थायरॉइड के स्तर में बदल से भी पीरियड्स के समय या ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि थायराइड सीधे आपके प्रजनन तंत्र को नियंत्रित करता है।

 

 

 

 

 

Content Writer

Kirti