आम दवाइयों से बिलकुल अलग है कोलेस्ट्रॉल की ये नई गोली

punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2026 - 11:27 AM (IST)

नारी डेस्क : शरीर में बढ़ा हुआ LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए लंबे समय से स्टैटिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। अब कोलेस्ट्रॉल के इलाज में एक नई दवा चर्चा में है। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने जुलाई 2026 में Lipfendra (enlicitide) को मंजूरी दी है। यह दुनिया की पहली FDA-approved oral PCSK9 inhibitor है, जिसे रोजाना एक गोली के रूप में लिया जाता है। FDA के मुताबिक, Lipfendra को डाइट और एक्सरसाइज के साथ उन वयस्कों में LDL-C कम करने के लिए मंजूरी दी गई है, जिन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल है, जिसमें heterozygous familial hypercholesterolemia (HeFH) वाले मरीज भी शामिल हैं।

PCSK9 दवा स्टैटिन से कैसे अलग है?

स्टैटिन और PCSK9 inhibitors दोनों LDL को कम करते हैं, लेकिन उनका काम करने का तरीका अलग है। स्टैटिन मुख्य रूप से लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनाने की प्रक्रिया को कम करते हैं। इसके साथ लिवर की LDL receptors की मदद से खून से LDL हटाने की क्षमता भी बढ़ती है। वहीं, PCSK9 inhibitor शरीर में मौजूद PCSK9 प्रोटीन को ब्लॉक करता है। PCSK9 सामान्य तौर पर लिवर की सतह पर मौजूद LDL receptors को कम करने में भूमिका निभाता है। इसे रोकने से ज्यादा LDL receptors उपलब्ध रहते हैं और लिवर खून से अधिक LDL-C हटाने में सक्षम होता है। Lipfendra एक macrocyclic peptide है, जो PCSK9 से जुड़कर उसके LDL receptor के साथ होने वाले interaction को रोकता है।

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LDL को 60% तक कम करने में सक्षम

Lipfendra की प्रभावशीलता दो बड़े Phase 3 trials में जांची गई। इन अध्ययनों में कुल 3,207 वयस्क शामिल थे, जो पहले से अधिकतम सहन की जाने वाली स्टैटिन थेरेपी ले रहे थे। FDA के अनुसार, एक अध्ययन में 24 सप्ताह बाद LDL-C में प्लेसीबो की तुलना में औसतन 56% कमी देखी गई। HeFH वाले मरीजों के अध्ययन में यह कमी 59% रही। Merck के अनुसार, कुछ संशोधित डेटा विश्लेषण में पहले अध्ययन में करीब 60% कमी भी देखी गई। इसलिए इसे सामान्य तौर पर “LDL को करीब 60% तक कम करने वाली” दवा कहा जा सकता है, लेकिन हर मरीज में इतना ही असर होगा, ऐसा कहना सही नहीं होगा।

PCSK9 क्या होता है?

PCSK9 शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक प्रोटीन है। इसे आसान भाषा में समझें तो लिवर की सतह पर मौजूद LDL receptors खून से बैड कोलेस्ट्रॉल को पकड़ने में मदद करते हैं। PCSK9 इन receptors की संख्या को कम करने में भूमिका निभाता है। जब PCSK9 को रोका जाता है, तो ज्यादा LDL receptors उपलब्ध रहते हैं और लिवर खून से LDL-C को अधिक प्रभावी ढंग से हटाता है। यही वह प्रक्रिया है जिस पर Lipfendra काम करती है।

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पहले PCSK9 दवाएं इंजेक्शन के रूप में थीं

PCSK9 inhibitor का कॉन्सेप्ट बिल्कुल नया नहीं है। इस वर्ग की कुछ दवाएं पहले से उपलब्ध हैं, लेकिन वे इंजेक्शन के रूप में दी जाती रही हैं। FDA के मुताबिक Lipfendra इस वर्ग की पहली ऐसी दवा है जिसे मुंह से रोजाना लेने वाली गोली के रूप में मंजूरी मिली है। इस वजह से उन मरीजों के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प हो सकती है जिन्हें अतिरिक्त LDL-C कम करने वाली थेरेपी की जरूरत है और जो इंजेक्शन से बचना चाहते हैं।

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किन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है?

FDA ने Lipfendra को हाई कोलेस्ट्रॉल वाले वयस्कों के लिए मंजूरी दी है, जिसमें HeFH वाले मरीज भी शामिल हैं। खासतौर पर यह उन मरीजों के लिए अतिरिक्त विकल्प हो सकती है जिनका LDL-C मौजूदा उपचार के बावजूद पर्याप्त रूप से कम नहीं हो रहा है। Clinical trials में शामिल मरीज पहले से अधिकतम सहन की जाने वाली स्टैटिन थेरेपी ले रहे थे। इसलिए इसे स्टैटिन का सीधा विकल्प मानना सही नहीं है। यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार मौजूदा उपचार में जोड़ी जाने वाली दवा हो सकती है।

क्या इसके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं?

किसी भी दवा की तरह Lipfendra के भी संभावित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। FDA के अनुसार, एक अध्ययन में इसके adverse reactions की दर प्लेसीबो के समान थी। HeFH वाले अध्ययन में दस्त और चक्कर ऐसी प्रतिक्रियाएं थीं जो प्लेसीबो की तुलना में अधिक देखी गईं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि दवा के “साइड इफेक्ट्स बहुत कम हैं” या यह हर मरीज के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। दवा डॉक्टर की सलाह और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही इस्तेमाल की जानी चाहिए।

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क्या यह हार्ट अटैक का खतरा खत्म कर देती है?

यह दावा करना भी सही नहीं होगा कि Lipfendra लेने से रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज का खतरा खत्म हो जाता है। बढ़ा हुआ LDL-C एथेरोस्क्लेरोसिस और हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम से जुड़ा है, और LDL कम करना जोखिम घटाने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। FDA के अनुमोदन का आधार मुख्य रूप से LDL-C कम करने की क्षमता थी। इसके लंबे समय के cardiovascular outcomes पर अलग अध्ययन चल रहा है।

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Lipfendra यानी enlicitide कोलेस्ट्रॉल के इलाज में एक महत्वपूर्ण नई दवा है क्योंकि यह पहली FDA-approved oral PCSK9 inhibitor है। यह PCSK9 को रोककर लिवर के LDL receptors को अधिक उपलब्ध रहने देती है, जिससे खून से LDL-C हटाने की क्षमता बढ़ती है। Clinical trials में इस दवा ने 24 सप्ताह में LDL-C में करीब 56-59% की कमी दिखाई है। हालांकि, यह हर मरीज के लिए जरूरी नहीं है और इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

नोट: कोलेस्ट्रॉल की दवा खुद से शुरू, बंद या बदलने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।


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Content Editor

Monika

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